डेटिंग कहीं दुर्घटना न बन जाए

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डेटिंग कहीं दुर्घटना न बन जाएसांकेतिक चित्र इंटरनेट से साभार
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आज डेटिंग एक फैशन सा बनता जा रहा है। डेटिंग के लिए ’लव बर्ड्स‘ को न तो गर्मी

की परवाह होती है, न सर्दी की। शहरों में ऐसी जगहों की भी कोई कमी नहीं, इसलिए

इन लव बर्ड्स को रोमांस करते हुए आप इन जगहों में देख सकते हैं।

इन जोड़ों को हाथ में हाथ डाले, कारों के शीशे बंद कर कार में बैठें, रेस्टोरेंट में एक

साथ बैठे एक ही गिलास में सोडा पीते, कुछ जोड़ों को तो खुले आम किस करते हुए भी

देखा जा सकता है।

पर कभी-कभी यह डेटिंग एक दुर्घटना भी बन जाती है। आए दिन कोई न कोई खबर

सुनने में आती है जैसे ‘फलां युगल कार में मृत पाए गए‘ ’प्रेमी ने प्रेमिका से जबरदस्ती

करने की कोशिश की‘ आदि। आजकल मध्यम वर्ग के पास कार होना एक आम बात है

और ’लव बर्ड्स‘ को समय बिताने के लिए ’लांग ड्राइव‘ पर निकलना अच्छा लगता है

और कब वे किसी सुनसान इलाके में पहुंच जाए जहां प्रेमिका की आवाज, चिल्लाना

सुनने वाला भी कोई न हो अतः ऐसे मामलों में लड़कियों को विशेष सावधानी बरतने की

जरूरत होती है क्योंकि अगर लड़की ड्राइव के लिए न जाना चाहे तो उससे प्रेमी

जबरदस्ती नहीं कर सकता।

महानगरों में पढ़ने के लिए आए लड़के लड़कियाँ किराए के मकानों में रहते हैं जहां कुछ

भी करने के लिए आजादी है। उनको रोकने-टोकने वाला कोई नहीं। ऐसे माहौल में शादी

किए बिना सेक्स आम देखा जा सकता है। इसीलिए पिछले कुछ समय में ’प्री मैरिटल

सेक्स‘ में बढ़ोत्तरी हुई है।

अभिभावक डेटिंग को अच्छा नहीं मानते और यही कारण है कि लड़कियां डेटिंग पर

जाते वक्त झूठ बोल कर जाती हैं। अधिकतर लड़के-लड़कियां अपने अभिभावकों को मूर्ख

बनाने की कोशिश करते हैं। अभिभावकों का मानना हैं कि डेटिंग उस हद तक सही है

जब तक उन्हें जानकारी हो कि उनके बच्चे कहां जा रहे हैं, किसके साथ जा रहे हैं, कब

वापिस आ रहे हैं, क्या कर रहे हैं पर आज समय ऐसा है कि आप किसी पर विश्वास

नहीं कर सकते इसलिए किसी ऐसे व्यक्ति के साथ जो आपके लिए अंजान है, आप

अपनी बच्ची को जाने की इजाजत कैसे दे सकते हैं।

बच्चे अभिभावकों की इस दखलअंदाजी को गलत मानते हैं। उनके अनुसार अभिभावक

उन्हें उनके ढंग से जीने नहीं देते, बस दखलअंदाजी करते रहते हैं। उनके फ्रेंड्स एंजाय

कर रहे होते हैं और अभिभावक उन्हें घर में बंद कर देते हैं।

क्या अभिभावकों का डेटिंग के प्रति यह नजरिया गलत है? शायद नहीं, क्योंकि जिस

हिसाब से ’डेट-रेप‘ की संख्या बढ़ी है, वह अभिभावकों को डेटिंग के प्रति ऐसा नजरिया

रखने को विवश करती है। डेटिंग पर आपके साथ कोई दुर्घटना न हो जाए, इसलिए

बचाव के लिए आप कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखें:-

डेटिंग के लिए आप पब्लिक प्लेसिस जैसे रेस्टोरेंट, शॉपिग माल आदि में जाएं। कभी

भी सुनसान जगहों, पार्क आदि में न जाएं। आप अपने प्रेमी पर कितना भी विश्वास

करें, ऐसी जगहों पर उसकी नीयत बदल सकती है।

अगर आप अपने बाय फ्रेंड्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखती तो उनके साथ

अकेले डेटिंग पर जाने के बजाय ग्रुप में या किसी अन्य जोड़े के साथ जाएं।

अगर आपका फ्रेंड आपको सेक्स के लिए अप्रोच करता है और आप इसके लिए तैयार

नहीं तो उसे न तो स्माइल दें, न उसके साथ नम्रता से पेश आएं। इमोशनल न हों।

अपनी बात पर दृढ़ रहें और उसे साफ शब्दों में मना कर दें। अगर आप प्रारंभ से ही दृढ़ रहेंगी तो आपका बाय फ्रेंड कोई दुस्साहस भविष्य में नहीं करेगा।

अपने बायफ्रैंड के घर अकेले कभी मत जाएं।

अधिकतर ’डेट रेपस‘ का कारण व्यक्ति का नशे में होना होता है। डेटिंग पर बीयर व

अन्य अल्कोहल युक्त ड्रिंक्स का सेवन न करें और न ही नशीली ड्रग्स का। किसी भी

अनजान व्यक्ति से कोई ड्रिंक न लें।

डेटिंग पर जाने से पूर्व आप भले ही अपने अभिभावकों को कोई जानकारी नहीं दे रही

हों पर आपकी सहेलियों को इस बारे में अवश्य जानकारी होनी चाहिए।

डेटिंग पर जाते वक्त ऐसे कपड़े पहनें जिनसे शालीनता झलकती हो। बदन दिखाने वाले

कपड़े न पहनें। सोनी मल्होत्रा(उर्वशी)

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