बनें स्मार्ट खरीदार

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जिन लोगों को खरीदारी का शौक होता है, वे सारा साल कुछ न कुछ तो खरीदते ही रहते हैं पर सेल के दिनों में या आनलाइन आफर मिलने पर बिना सोचे समझे शापिंग कर लेते हैं। शापिंग करना उनका जुनून होता है। चाहे खरीदारी कपड़ों की हो, ग्रासरी, इलेक्ट्रानिक्स या फर्नीचर, उन्हें कुछ नया खरीदना ही होता है। लोगों के जुनून को देखकर बड़े बड़े ब्रांड्स भी साल में लगभग 4 माह तक सेल लगाते हैं।

शापिंग करें पर अपनी जरूरत और जेब को देखकर करें। अगर स्मार्ट खरीदार बन कर खरीदारी करते हैं तो पछताना नहीं पड़ता और घर का सामान भी बन जाएगा।

तैयार करें सामान की लिस्ट-

खरीदारी चाहे ग्रासरी की हो, कपड़ों की, इलेक्ट्रानिक्स या फर्नीचर की, पहले घर की जरूरत के अनुसार लिस्ट तैयार करें, फिर अपनी सेविंग को मद्देनजर रख जरूरत अनुसार सामान खरीदें। इसी प्रकार कपड़ों का वार्डरोब खोलकर सभी कपड़ों पर नजर डाल फैशन अनुसार ड्रेस लें चाहे बच्चों के लिए हो, अपने लिए या पति के लिए।

इसी प्रकार शूज रैक भी चैक कर लिस्ट बनाएं। कौन सी चप्पल, जूते, सैंडिल किसके लिए और कौन से रंग के लेने हैं, लिस्ट बनाएं। किराने, नमकीन, बिस्किट के लिए भी घर के स्टोरेज को चैक कर लिस्ट बनाएं। इसी प्रकार इलेक्ट्रानिक्स और फर्नीचर भी जो खराब हो रहे हों और जरूरत हो तो जगह को भी मद्देनजर रख कर ही लें। इस प्रकार आपकी खरीदारी स्मार्ट खरीदारी होगी।

बजट को भी वरीयता दें-

कुछ भी खरीदने से पहले अपने बजट का ध्यान रखना जरूरी होता है चाहे ईजी ई एमआई में सामान मिल रहा हो पर चुकाना तो आपको ही है। इस बात का ध्यान रखें। बजट के बाहर जाकर स्वयं को तनावग्रस्त न बनाएं। स्मार्ट खरीदार बनें।

ट्रायल है जरूरी-

गर रेडिमेड कपड़े ले रहे हैं तो डमी पर डले कपड़ों को फाइनल न करें। घर के जिस भी सदस्य के लिए ड्रेस, जूते ले रहे हैं। पहन कर चैक कर लें कि साइज, कलर, डिजाइन आप पर फब रहा है या नहीं। डेªस आदि को चैक कर लें कहीं दाग या कट न लगा हो।

सेल में खरीद रहे हैं तो शुरुआत में जाएं-

अगर सेल में खरीदारी कर रहे हैं तो प्रारंभ के दिनों में जाकर खरीदारी करें ताकि चॉयस करना आसान रहे। प्रातः के समय जाएं, तब भीड़ भी कम होती है और सेल्समैन भी फ्रेश होते हैं और आराम से प्राडक्टस दिखा सकते हैं और आप ट्राई भी कर सकते हैं। स्मार्ट खरीदार बनने के लिए इस पर ध्यान अवश्य दें।

रिटर्न पालिसी और ऑफ्टर सेल सर्विस के बारे में जानें-

इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदते समय दुकानदार से खरीदने के बाद सर्विस किस कंपनी की कैसी है, उसकी पूरी जानकारी लें। बाकी चीजें जो आप खरीद रहे हैं, पसंद न आने पर क्या वापिस हो सकती हैं या उसके स्थान पर कुछ और खरीद सकते हैं या नहीं, इस बारे में पूरी जानकारी लें। कंपनियों की और दुकानदारों की रिटर्न पालिसी अलग होती है। उसकी जानकारी रखना आपको स्मार्ट खरीदार बना सकता है।

अंत में बिल लेना न भूलें-

कोई भी खरीदारी करें तो बिल लेना न भूलें। कभी कभी कुछ दिन के लिए कोई आफर होता है। गर सामान बदलना पड़े तो बिल होने पर आसानी होगी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए शापिंग करेंगे तो स्मार्ट खरीदार बन जाएंगे नहीं तो गलती हो सकती है। (उर्वशी) सुनीता गाबा

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