

शहरों में बढ़ती भीड़ के कारण यहां के घर बहुत छोटे-छोटे होने लगे हैं। इन घरों में क्यारियां लगाना मुमकिन ही नहीं होता। खासतौर पर फ्लैट में रहने वाले लोगों के लिए ऐसा नामुमकिन ही है। बागवानी के शौकीनों के लिए आजकल घरों में गमलों में पौधे लगाना काफी प्रचलित है। जिन्हें पौधों की जरा भी जानकारी नहीं, वे भी अपने छोटे से घर को हरियाली की आभा देना चाहते हैं। चाहे ये सजावटी गमले घर के किसी भी कोने में रखे जाएं लेकिन अपनी उपस्थिति से ये पूरा घर सुन्दर बना देते हैं। ये पौधे ड्राइंग रूम, बालकनी और बरामदे की शोभा बढ़ाते हैं। सीढ़ियों पर लुभावने लगते है। हैंगिंग गमलों में भी ये लगाये जा सकते हैं। इन पौधों को चाहिए कुछ विशेष देखभाल क्योंकि इन्हें गमलों में सीमित पोषण मिलता है। आपकी देखभाल से ये आपके घर को हरा-भरा और ताजा तो रखेंगे ही। खूबसूरत फूल आपकी दिमागी परेशानी कम करने में भी सहायक होंगे।
गमलों के पौधों को उचित मात्रा में पोषण मिले, इसके लिए जरूरी है कि उसकी मिट्टी की गुड़ाई करें लेकिन ध्यान रहे कि कहीं उसकी जड़ को कोई नुकसान न पहुंचे।
उसकी गुड़ाई से पौधे की जड़ों तक हवा पहुंचती रहेगी जिससे उसे जरूरी ऑक्सीजन मिलती रहेगी। साथ ही जड़ों तक पानी भी आसानी से पहुंच पायेगा ।
गमले में खरपतवार न उगे, उसका भी ध्यान रखें। खरपतवार उगते ही उसे निकाल दें ।
गमले में जो सूखी पत्तियां टूटकर गिर गई, उनमें से कुछ को महीन बनाकर उसी में डाल दें। बाकियों को निकाल दें।
पौधे की बढ़ती शाखाओं पर भी नजर रखें। यदि किसी टहनी में कीड़ा या कोई बीमारी लग गई हो तो उसका समय से उपचार करें अन्यथा पूरा पौधा खराब हो जायेगा।
यदि किसी दिशा में कोई टहनी अनियमित रूप से बढ़ रही हो तो उसे काटकर पूरे पौधे के समान कर दें जिससे पौधे का आकार सही लगे। यदि पौधे को थोड़ा बढ़ने पर सहारे की जरूरत हो तो उसे किसी पतली डंडी का सहारा दें अन्यथा वह लटक जायेगा। सहारे से उसका आकार बढि़या लगेगा।
पौधे को जरूरी खाद व पानी समय-समय पर देते रहें। पानी इतना न दें कि पौधा गल जाए। इतना भी ध्यान रखें कि गमला सूखा न रहे। उसमें नमी बनी रहे। गरमियों में पौधों को सुबह-शाम पानी दें। बरसात के मौसम में उन्हें बारिश का पानी मिलता रहे, इसका ख्याल रखें। पौधों को तेज धूप से बचाएं और सजावटी पौधे तो सिर्फ छाया में ही रखें।
फूल वाले पौधों को नित्य पानी दें। यदि बड़ा फूल चाहती हों तो सबसे ऊपर की मुख्य कली को छोड़कर अन्य कलियां अलग कर दें। पौधों की पत्तियों की धूल भी साफ करती रहें जिससे उन्हें पनपने में आसानी हो। पत्तियां साफ-सुथरी रहेंगी तो पौधा और भी आकर्षक लगेगा।
पौधे में कीट या बीमारी लगने पर उपचार हेतु किसी उद्यान विशेषज्ञ से सलाह लें।
समय-समय पर उसमें कीटनाशक का उपयोग भी कर सकती हैं। इससे पौधे तो हरे- भरे रहेंगे ही, आपके घर के साथ-साथ आपका मन भी ताजा रहेगा। (उर्वशी)शिखा चौधरी