

यूं तो प्रकृति ने स्वयं ही नारी को सुंदरता प्रदान कर रखी है, फिर भी नारी अपनी सुंदरता को और भी निखारने का प्रयत्न करती है। वह अधिक से अधिक खूबसूरत दिखाई दे, इसके लिए वह हमेशा अपने शरीर तथा चेहरे की ओर विशेष ध्यान देती है। चेहरे की सही देख- भाल के क्रम में वह अपनी आंखें तथा होंठों का सौंदर्य निखारने के लिए खूब मेहनत करती है। आभायुक्त स्वस्थ होंठ नारी के व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। गुलाबी पतले होंठ नारी की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। वह सबके आकर्षण का अनमोल केन्द्र बन जाती है।
होंठ हर मौसम में नरम, कोमल, लालिमा लिए हुए तथा सुंदर बने रहें, इसके लिए उनकी उचित देखभाल की आवश्यकता होती है। गुलाब की पंखुडि़यों की तरह खिले होंठों की चाहत के लिए निम्नांकित उपायों को आजमाया जा सकता है-
अगर होंठ तथा उसके आस-पास की त्वचा बहुत ज्यादा फटती है तो दिन में कई बार गुलाब की पंखुड़ियों की रस, में मलाई एवं थोड़ा शहद मिलाकर उन पर साफ-सुथरे हाथ से मालिश कीजिए।
होंठों पर लिपस्टिक का इस्तेमाल आवश्यकता पड़ने पर ही करना चाहिए। रात को सोते समय लिपस्टिक अवश्य साफ कर देना चाहिए अन्यथा होंठों का नैसर्गिक सौंदर्य कम हो सकता है।
होंठों को सूखने से बचाने के लिए उन पर पहले नींबू का रस मलिए तथा बाद में उन पर नारियल का तेल लगाकर उन्हें चिकना कर लीजिए।
पत्तों पर पड़ी सुबह की ओस को होंठ पर लगाने से वे नरम, नाजुक बने रहते हैं और उनकी चमक में वृद्धि होती है।
बरसात के मौसम में होंठों पर सरसों का तेल लगाते रहने से होठों की चमक बरकरार बनी रहती है।
अगर गर्मी के दिनों में होंठ फट जाते हों तो औषधियुक्त हर्बल क्रीम लगाना अच्छा होता है। गुलाबजल से होंठों को तर करते रहकर भी होंठों को फटने से बचाया जा सकता है।
होंठों को मुलायम बनाने के लिए नींबू के रस में गुलाब जल के साथ मलाई मिलाकर दिन में चार-पांच बार लगाते रहना चाहिए। अगर किसी कारण से होंठ अधिक ही फट रहे हों तो मेंहदी के फूल पीसकर उन पर लगाएं। ऐसे मामले में देरी होने से संक्रमण होने का भय सदैव बना रहता है।
हेयर पिन, हेयर क्लिप, सेफ्टी पिन इत्यादि को होठों से नहीं खोलना चाहिए क्योंकि इसमें होंठों के कटने-फटने का अधिक डर रहता है।
होंठ सूखने के कारण उन पर अगर पपड़ियां जम गई हों तो उसे नोचें नहीं बल्कि हल्के गर्म पानी की सहायता से ही उसे हटाइए।
चुटकी भर सूखी हुई हल्दी को गुलाबजल में मिलाकर होंठों पर लगाते रहने से होंठों की लालिमा बनी रहती है तथा उसका कालापन दूर होता है।
टमाटर का रस, नींबू का रस तथा ग्लिसरीन को बराबर-बराबर मात्रा में मिलाकर रात को सोते समय लगाते रहने से होंठ सुंदर व नरम बने रहते हैं।
गुस्सा आने पर होंठों को दांतों से नहीं दबाना चाहिए क्योंकि इससे होंठ कटकर बदसूरत हो सकते हैं।
प्रतिदिन कच्चे दूध का फेन लगाते रहने से होंठ सदैव नरम बने रहते हैं तथा उनकी चमक भी बनी रहती है।
होंठों के फटने पर बादाम रोगन में चुटकी भर खाने का सोडा मिलाकर रात में सोते समय लगाते रहने से होंठ फटते नहीं हैं।
फटे व दरार पड़े अधरों पर बेबी ऑयल या पेट्रोलियम जैली लगाते रहने से वे शीघ्र ही चमकीले व चिकने हो जाते हैं।
गाय के शुद्ध घी को घमाकर उससे होंठों पर हल्की-हल्की मालिश करते रहने से होंठ नर्म रहते हैं।
मक्खन में केसर की बराबर मात्रा मिलाकर या थोड़े से शहद में मलाई मिलाकर होंठों पर लेप करते रहने से होंठ नरम व मुलायम बने रहते हैं।
मौसम का विशेष ध्यान रखें। तेज धूप या तेज सर्दी में होंठ अधिक फटते हैं। गर्मी के दिनों में जब कभी बाहर जाना हो तो सनस्क्रीन लोशन तथा सर्दी में नमीयुक्त क्रीम लगाते रहने से होंठ फटते नहीं हैं तथा उनकी खूबसूरती बरकरार रहती है। पूनम दिनकर (उर्वशी)