

जहां मध्यमवर्गीय परिवारों में नौकर या नौकरानी (घरेलू सहायक) साफ-सफाई, बर्तन मांजने व कपड़े धोने जैसे काम निपटाकर घंटे-दो घंटे में वापस चले जाते हैं, वहीं उच्चवर्गीय परिवारों में एकाधिक पूर्णकालिक नौकर होना आम बात हो गई है। इसी तरह, जहां पति-पत्नी दोनों नौकरीपेशा होते हैं, वहां घर व बच्चों की देखभाल के लिए पूरे समय का नौकर एक आवश्यकता बन गया है। आज बड़ी परेशानी नौकर का वेतन चुका पाना नहीं, बल्कि एक अच्छा और विश्वासपात्र नौकर मिल पाना है।
बढ़ती आपराधिक घटनाएं और सुरक्षा का संकट
घरेलू नौकरों द्वारा चोरी, डकैती, बलात्कार और हत्या जैसी घटनाएं बड़े शहरों के अखबारों के पन्नों पर रोजमर्रा की बात बन गई हैं। जिन घरों में केवल सेवानिवृत्त पति-पत्नी रहते हैं, वहां दोनों की हत्या कर लूटपाट करने की घटनाएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। इसका यह अर्थ कदापि नहीं है कि आप नौकर रखें ही नहीं; यदि जरूरत है, तो नौकर जरूर रखें, लेकिन कुछ जरूरी बातों को गांठ बांध लें।
विश्वास और सतर्कता का संतुलन
किसी भी नौकर पर विश्वास तो करें, लेकिन उस पर अंधविश्वास कतई न करें। नौकर के सामने कभी भी अपनी व्यक्तिगत बातें न करें क्योंकि नौकरी से निकाले जाने की स्थिति में वे इन जानकारियों का लाभ उठाकर आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। पैसों और जेवरों के लेन-देन की बातें नौकर के सामने न करें, और आपने अपने पैसे, गहने व अन्य कीमती सामान कहां रखे हैं, इसका पता नौकर को बिल्कुल नहीं चलना चाहिए। यदि आप अपना पर्स, गहने या कीमती सामान संभालकर नहीं रखते और सामने ही पड़ा रहने देते हैं, तो दोष आपका ही है, क्योंकि आखिर वे भी इंसान हैं और उन्हें कभी भी लालच आ सकता है।
किशोरियों की सुरक्षा और विशेष सावधानियां
घर में अगर किशोर उम्र की बेटी है, तो युवा नौकर रखने से बचना चाहिए। कई बार युवा नौकर किशोर लड़कियों को बहला-फुसलाकर, उनकी किसी कमजोरी का लाभ उठाकर या मौका पाकर जबरन यौन संबंध के लिए विवश कर देते हैं। एक बार ऐसा होने पर डर और लज्जा के मारे लड़की किसी को कुछ बता नहीं पाती, और नौकर इस बात का फायदा उठाकर लगातार ब्लैकमेल करते हुए आर्थिक व शारीरिक शोषण करता रहता है। घर में पूर्णकालिक पुरुष नौकर होने पर, अकेली होने पर कपड़े बदलते या सोते समय दरवाजा हमेशा बंद रखें।
पुलिस सत्यापन और रिकॉर्ड रखना
किसी भी नौकर को रखने से पहले उसका नाम, स्थायी पता, वर्तमान पता, फोटो और उंगलियों के निशान अपने रिकॉर्ड में रखें। नौकर के आधिकारिक पहचान पत्र की फोटोकॉपी अपने पास रखें और उसे निकटतम पुलिस स्टेशन में भी वेरिफिकेशन हेतु जमा कराएं। नौकर के बारे में ली गई जानकारी ऐसी जगह रखें जहां उसकी पहुंच न हो सके, ताकि कोई हादसा होने के बाद नौकर अपनी सारी जानकारी और फोटो लेकर भाग न सके। आवश्यकता पड़ने पर यह विवरण अपने लॉकर या किसी विश्वसनीय मित्र के पास रख सकते हैं।
सिफारिश और पृष्ठभूमि की जांच
यदि नौकर किसी की सिफारिश पर आया है, तो सिफारिश करने वाले व्यक्ति से उसकी पुष्टि करना न भूलें। इसी प्रकार, जहां आपके नौकर ने पहले काम छोड़ा हो, वहां से भी यह पुष्टि अवश्य करें कि काम छोड़ने का कारण वही है जो नौकर ने आपको बताया है। नौकर से मिलने-जुलने वाले लोगों पर भी नजर रखें और यदि उनमें से कोई संदेहास्पद प्रतीत हो, तो नौकर से उसके विषय में पूछताछ करें।
संतुलित व्यवहार और निगरानी
नौकर पर अपनी पैनी निगाह रखें, लेकिन उसे इस बात का अहसास कतई न होने दें। उसके साथ अच्छा व्यवहार करें, उसके सुख-दुख में काम आएं और उसे ऐसा अवसर दें कि वह आपके प्रति वफादार रह सके। विजय बजाज (उर्वशी)