अपराजिता एक कोशिश

अपराजिता एक कोशिश
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कोलकाता : धूत ग्रुप प्रेजेंट्स सन्मार्ग अपराजिता एक सम्मान समारोह नहीं बल्कि एक सोच है जो महिलाओं को अपनी असली पहचान दिलाती है। 'अपराजिता' लाखों औरतों को प्रेरित व प्रोत्साहित करती है। 2023 में आयोजित इसके 12वें संस्करण के दौरान 6 पाॅपुलर अवॉर्ड नॉमिनिज को 50,000 रुपये की राशि दी गई। वे इस राशि को महिलाओं के लिए कार्य कर रहे एनजीओ व उन सामाजिक संस्‍थानों को देंगी जो महिलाओं के उत्‍थान के लिए काम करती हैं।
ऐसे में अपराजिता की होम एंड लाइफस्टाइल कैटगरी की विजेता विनीता और वैदेही केडिया ने दी गई राशि लॉरेटो कॉलेज के शिक्षा शाखा महिला प्रकोष्ठ को देने का निर्णय किया। विनीता और वैदेही ने मंगलवार को वहां की प्रिंसिपल सिस्टर क्रिस्टीन कोटिन्हो एवं महिला सेल की संस्थापक व सेवानिवृत्त प्रोफेसर उषा बुबना की मौजुदगी में चेक उन्हें सौंपा। इस दौरान सन्मार्ग फाउंडेशन व सन्मार्ग अपराजिता की टीम मौजूद थी। सिस्टर क्रिस्टीन कोटिन्हो ने कहा लॉरेटो कॉलेज हमेशा से जरूरतमंद महिलाओं की उन्नति और बेहतरी के लिए विभिन्न गतिविधियों में लगा हुआ है।

यहां उन युवतियों और महिलाओं को पढ़ाया और बढ़ाया जाता है जिनमें आगे कुछ कर दिखाने की चाह है लेकिन वे अपने वित्तिय दिक्कतों का सामना करने के कारण अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाती हैं। यहां कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षकों, वेलविशर्स की मदद से दसवीं और बारहवीं कक्षा (एनआईओएस) तक पढ़ाई कर अपनी शिक्षा छोड़ने वाली छात्राओं को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। उषा बुबना ने कहा, महिला सेल की स्थापना 1996 में वंचित पृष्ठभूमि की युवतियों को सशक्त बनाने के लिए की गई थी। हमारी कक्षाएं केवल 15 छात्राओं के साथ शुरू हुईं थी। जब हमने इसकी शुरूआत की तो कक्षाएं लोरेटो कॉलेज हॉल में आयोजित की जाती थी और छात्रों को अंग्रेजी और हिंदी में बुनियादी भाषा कौशल सिखाया जाता था। मुझे गर्व है कि अब तक, 600 से अधिक छात्राएं अपना करियर बनाने के लिए इस सेल से पास हो चुकी हैं।
मानव तस्करी से लड़ने का काम करता है विहान


वहीं, अपराजिता में हॉलिस्टिक वेलनेस कैटेगरी की विजेता रहीं अर्चना लखोटिया ने दी गई 50,000 रुपये की राशि विहान को सौंपी। विहान एक ऐसी संस्‍था है जो मानव तस्करी और अन्य प्रकार के दुर्व्यवहार और शोषण से जुझ कर निकलने वाली लड़कियों व महिलाओं को सहायता प्रदान करती है और उनके आत्म-उत्‍थान के लिए काम करती है। विहान के सीईओ समीर बैपटिस्ट ने कहा हम मानव तस्करी और शोषण का शिकार हुई लड़कियों को समाज में एक बेहतरीन जिंदगी जीने की प्रेरणा देते हैं। हम सन्मार्ग अपराजिता व अर्चना जी द्वारा दी गई इस राशि का उपयोग पांच साल पहले हमारे पास आई पीड़िता ईशा की मदद के लिए करना चाहेंगे जिन्होंने अभी अपनी बैचलर्स डिग्री हासिल की है और वह आगे मास्टर्स की पढ़ाई करना चाहती हैं। ईशा के साथ ही यह राशि अन्य लड़कियों की मदद के लिए भी उपयोग की जाएगी।


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