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पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्या मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की

देहरादून में पत्रकारों के एक समारोह में पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से ही निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

नयी दिल्ली: उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्या मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है। राज्य सरकार द्वारा जारी सूचना के अनुसार अंकिता भंडारी के माता–पिता के अनुरोध पर उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री ने ये फैसला लिया। देहरादून में पत्रकारों के एक समारोह में पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से ही निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी के साथ हुई अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। एसआईटी द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी। मुख्यमंत्री ने मीडिया को जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराए जाने का अनुरोध किया था।

अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल में एक रिसोर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी जो कि 18 सितंबर 2022 को संदिग्ध हालात में मृत पायी गयी थी। आरोप था कि उसके साथ बलात्कार करके मार दिया इस घटना पर उत्तराखंड के समाज ने आंदोलन कर दिया था। ये राज्य में राजनीतिक मुद्दा भी बना हुआ है। अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं भाजपा सरकार इस मामले की जांच में कोई कसर नहीं रहने देना चाहती। आरोपी जेल में हैं और किसी को भी अभी जमानत नहीं मिली है।

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