भारत

अटल का दृष्टिकोण आत्मनिर्भरता का प्रतीक था: पुष्कर सिंह धामी

धामी ने आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली में ‘अटल-मोदी सुशासन यात्रा’ के दौरान अन्नामय्या सर्कल पर पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की एक प्रतिमा का अनावरण किया।

Badrinath Shaw

मदनपल्ली: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मूल्य, शासन ढांचा और राष्ट्रीय दृष्टिकोण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की यात्रा का मार्गदर्शन करते रहेंगे। धामी ने आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली में ‘अटल-मोदी सुशासन यात्रा’ के दौरान अन्नामय्या सर्कल पर पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की एक प्रतिमा का अनावरण करने के बाद यह टिप्पणी की।

अटल के विचार से भारत का लोकतंत्र होगा मजबूत

उन्होंने कहा, “अटल के मूल्य, शासन ढांचा और राष्ट्रीय दृष्टिकोण प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की यात्रा का मार्गदर्शन करते रहेंगे।” धामी ने कहा कि 11 दिसंबर को शुरू हुई ‘अटल-मोदी सुशासन यात्रा’ सभी जिलों से गुजरेगी और यह 25 दिसंबर तक जारी रहेगी, जिसमें अटल की कई प्रतिमाओं का अनावरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अटल का राजनीतिक जीवन अखंडता, राष्ट्रवाद और लोक कल्याण में निहित था, जिससे उन्हें विपक्षी नेताओं का भी सम्मान हासिल हुआ।

सरकारें आती-जाती हैं, लेकिन राष्ट्र को चलते रहना होगा

साल 1996 में पेश अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अटल के भाषण को याद करते हुए धामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने दृढ़ता से कहा था कि सरकारें आती-जाती हैं, लेकिन राष्ट्र को चलते रहना होगा। उन्होंने कहा कि अटल ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ की नींव रखी और स्वर्णिम चतुर्भुज राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और दूरसंचार क्षेत्र के विस्तार जैसी पहलों के जरिये देश की तस्वीर बदल दी। स्वर्णिम चतुर्भुज राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना भारत के चार प्रमुख महानगरों-दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को संदर्भित करती है।

मोदी सरकार अटल से प्रेरित

मौजूदा शासन से तुलना करते हुए धामी ने कहा कि अटल से प्रेरित होकर प्रधानमंत्री मोदी ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी कल्याणकारी पहलों के जरिये भारत को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फोनपे और गूगल-पे जैसे मंच भारत में डिजिटल क्रांति ले आए हैं, जिसने अमेरिका और यूरोप सहित कई विकसित देशों को आश्चर्यचकित कर दिया है। धामी ने कहा कि मौजूदा समय में देश भर में लगभग 36,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जा रहे हैं, जबकि 99 फीसदी ग्रामीण सड़कों का काम पूरा हो चुका है।

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