मुकदमे की तारीख से एक रात पहले हुई वारदात, छह नामजद आरोपियों पर केस दर्ज 
उत्तर प्रदेश

जमीन विवाद में पशुपालक की हत्या से सनसनी, पुलिस जांच में सामने आए कई नए पहलू

फतेहपुर के अंगदपुर गांव में 65 वर्षीय पशुपालक तक्कीलाल सोनकर की हत्या के बाद जमीन विवाद की कड़ियां और पारिवारिक रंजिशें सामने, पुलिस नामजदों के साथ अज्ञात संदिग्धों की भूमिका भी खंगाल रही है

फतेहपुर के जाफरगंज थाना क्षेत्र स्थित अंगदपुर गांव में 65 वर्षीय पशुपालक तक्कीलाल सोनकर की निर्मम हत्या के मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। शुरुआती तौर पर जमीन विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अब इस एंगल की भी पड़ताल कर रही है कि वारदात में नामजद लोगों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।

ग्रामीणों के बीच भी घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि यदि नामजद आरोपी ही सीधे तौर पर हत्या में शामिल होते, तो वारदात के बाद गांव में मौजूद नहीं रहते।

वर्षों पुराना था जमीन का विवाद

परिजनों के अनुसार, तक्कीलाल और उनके चचेरे भाई रामखेलावन के बीच सड़क किनारे स्थित करीब 18 बिस्वा भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह मामला वर्ष 2017 से न्यायालय में विचाराधीन है।

बताया जाता है कि कई दशक पहले तत्कालीन ग्राम प्रधान ने विवादित बंजर भूमि का पट्टा रामखेलावन के पिता सुखनंदन के नाम कराया था। हालांकि वर्षों तक दोनों परिवारों के बीच कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ और जमीन का उपयोग आपसी सहमति से होता रहा। बाद में कब्जे को लेकर मतभेद बढ़ने लगे।

जमीन की कीमतों में आया उछाल

ग्रामीणों का कहना है कि जोनिहा-अमौली मार्ग से जुड़े इस इलाके में सड़क संपर्क बेहतर होने के बाद जमीन की कीमत कई गुना बढ़ गई। इसी वजह से भूमि को लेकर तनाव लगातार बढ़ता गया और मामला अदालत से लेकर पुलिस तथा राजस्व विभाग तक पहुंच गया।

छह माह पहले भी हुआ था विवाद

तक्कीलाल और उनकी पत्नी गुलाबी देवी की कोई संतान नहीं थी। बताया जाता है कि गुलाबी देवी कई वर्षों से अपनी भतीजी को अपने पास रख रही थीं और भविष्य में संपत्ति उसके नाम करना चाहती थीं।

वहीं, परिवार के कुछ लोगों का दावा है कि तक्कीलाल संपत्ति अपने भतीजों को सौंपने के पक्ष में थे। इस कारण संपत्ति को लेकर परिवार के भीतर भी अलग-अलग विचार मौजूद थे।

परिजनों का आरोप है कि विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर पहले भी कई बार तनाव की स्थिति बनी। करीब छह महीने पहले पशुबाड़े के पास बनी तक्कीलाल की एक कोठरी गिरा दी गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया था।

रहस्यमय बाइक सवारों की तलाश

घटना के बाद गांव में दो अज्ञात बाइक सवारों को लेकर भी चर्चा तेज है। ग्रामीणों का दावा है कि बुधवार देर रात दो युवक बाइक से गांव की ओर आते और कुछ देर बाद वापस जाते देखे गए थे।

पुलिस इस जानकारी की भी जांच कर रही है कि कहीं इन बाइक सवारों का घटना से कोई संबंध तो नहीं है।

पहले भतीजा हुआ दिव्यांग, अब चाचा की हत्या

तक्कीलाल के भतीजे समरलाल ने आरोप लगाया है कि भूमि विवाद के कारण वर्ष 2021 में उनकी भी हत्या की साजिश रची गई थी। उनका कहना है कि एक संदिग्ध सड़क हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हुए और दिव्यांग हो गए। इसके बाद जमीन से जुड़े मुकदमे की पैरवी तक्कीलाल करने लगे थे।

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात तक्कीलाल रोज की तरह विवादित भूमि पर बने पशुबाड़े में सोने गए थे। गुरुवार सुबह उनका शव खून से लथपथ हालत में मिला।

शव पर सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों पर धारदार हथियार से किए गए हमलों के निशान मिले। पुलिस को घटनास्थल पर संघर्ष के भी संकेत मिले हैं।

पत्नी ने छह लोगों को बनाया आरोपी, गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित

मृतक की पत्नी गुलाबी देवी की शिकायत पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में रामखेलावन, बरमबली, शिवमोहन, अंकित, धीरेंद्र और रानी देवी शामिल हैं।

पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है और हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

SCROLL FOR NEXT