मुजफ्फरनगर : श्रावण मास में जारी कांवड़ यात्रा के दौरान अब तक 50 लाख से ज्यादा कांवड़िये हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अपने गंतव्यों के लिए जाते हुए मुजफ्फरनगर से गुजरे हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार ने बुधवार को बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि जिले में कांवड़ मार्गों पर चार हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं, जिनमें आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) और बम निरोधक दस्ते भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि जिले से गुजरने वाले कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब तक 50 लाख से ज़्यादा कांवड़िये हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और राज्य के दूसरे हिस्सों में अपनी मंजिल की ओर जाते हुए मुजफ्फरनगर से गुजर चुके हैं। प्रशासन का अनुमान है कि इस सालाना यात्रा के दौरान लगभग चार करोड़ श्रद्धालु इस जिले से गुजरेंगे।
SSP ने बताया कि जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात की सुचारू व्यवस्था के लिये अपने मार्ग परिवर्तन का दूसरा चरण लागू कर दिया है, जिसके तहत दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग और गंग नहर मार्ग पर सभी तरह की गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है क्योंकि ये रास्ते सिर्फ कांवड़ियों के लिए आरक्षित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है।
हालांकि, मार्ग परिवर्तन की वजह से आने-जाने वालों को परेशानी हो रही है, कई लोगों को दूसरे रास्तों पर ज्यादा समय लग रहा है और बस व टैक्सी का किराया भी ज्यादा देना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मार्ग परिवर्तन योजना का दूसरा चरण 12 अगस्त तक लागू रहेगा।
कांवड़ यात्रा 30 जुलाई को शुरू हुई थी और 11 अगस्त को खत्म होगी। हर साल होने वाली इस यात्रा के दौरान भगवान शिव के करोड़ों भक्त हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लाते हैं और उसे पैदल चलकर अपने घरों के पास स्थित शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं।