रामपुर : फर्जी पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को रामपुर की सांसद (MP)/ विधायक (MLA) सत्र न्यायालय से झटका लगा है। इस अदालत ने दोनों को सुनायी गयी सजा के खिलाफ उनकी अपीलें सोमवार को खारिज कर दीं।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि जाली पैन पैनकार्ड बनवाने के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम की अपीलों को आज MP/MLA सत्र न्यायालय के न्यायाधीश डॉक्टर विजय कुमार ने खारिज कर दिया। दोनों ने उन्हें सांसद/विधायक अवर अदालत से नवंबर 2025 में सुनायी गयी 7-7 साल कैद की सजा के खिलाफ ये अपीलें दायर की थीं।
सिंह ने बताया कि MP/MLA सत्र न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला 6 अप्रैल को सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया। उन्होंने बताया कि MP/MLA सत्र न्यायालय के इस निर्णय के बाद आजम और अब्दुल्ला की सजा बरकरार रहेगी।
सिंह ने बताया कि जाली पैन कार्ड मामले में सांसद/विधायक अवर अदालत ने 17 नवंबर 2025 को आजम और अब्दुल्ला को दोषी करार देते हुए 7-7 साल की कैद की सजा सुनायी थी तथा उनपर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था, जिसके बाद से पिता-पुत्र जिला जेल में हैं।
बन्होंने बताया कि बचाव पक्ष ने दोषसिद्धि के खिलाफ अपील की थी जबकि अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।
दरअसल, रामपुर शहर से भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा विधायक आकाश सक्सेना ने 30 जुलाई, 2019 को सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अब्दुल्ला ने नियमों का उल्लंघन करते हुए दो पैन कार्ड बनवाए है।
सक्सेना के मुताबिक अब्दुल्ला ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग जन्मतिथि वाले पैन कार्ड बनवाए थे, जिनमें से पहले में उनकी जन्मतिथि एक जनवरी 1993 और दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्ज है।
अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान मामले में आजम खान की भूमिका भी सामने आयी थी जिसके बाद उन्हें भी आरोपी बनाया गया था।