सांकेतिक तस्वीर 
उत्तर प्रदेश

अवैध हॉस्पिटल में प्रसव के बाद आशा कार्यकर्ता की मौत, नर्स-सहायक हिरासत में

अस्पताल सील, निजी अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज

सोनभद्र : सोनभद्र जिले में कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित एक अस्पताल में प्रसव के दौरान आशा कार्यकर्ता की मौत के मामले में वांछित नर्स और उसके सहायक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, सोमवार को गिरफ्तार की गई नर्स सलमा पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसके सहायक जौरुन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित कुमार ने बताया कि कोन क्षेत्र में संचालित अपंजीकृत ‘ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर’ का संचालक डॉ. नसीम अभी फरार है जिसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

कोन थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्र के अनुसार, बागेसोती गांव निवासी देवनारायण की पत्नी सीमा देवी (36) को प्रसव के लिए शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शल्य प्रक्रिया (सर्जरी) के बाद उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद शनिवार को उनकी मृत्यु हो गई।

थाना प्रभारी ने बताया कि महिला के पति की तहरीर तथा चिकित्सा पदाधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. कीर्ति आनंद बिंद की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

परिजनों का आरोप है कि सीमा को पहले कचनरवा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया था, जहां से उन्हें कोन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रेफर किया गया। CHC ले जाने के लिए 108 आपातकालीन सेवा की एम्बुलेंस भी उपलब्ध कराई गई थी।

हालांकि, परिवार का आरोप है कि एम्बुलेंस कर्मियों ने मरीज को सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय अपंजीकृत ‘ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर’ पहुंचा दिया, जहां उनका प्रसव कराया गया।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि अवैध रूप से संचालित अस्पताल में महिला की मौत के मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मरीज को PHC से CHC, कोन रेफर किया गया था, लेकिन एम्बुलेंस कर्मियों ने उसे कथित रूप से अपंजीकृत एक निजी अस्पताल में पहुंचा दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि महिला की मौत के बाद अस्पताल से जुड़ा चिकित्सक फरार हो गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है। अस्पताल को सील कर दिया गया है।

गौड़ ने बताया कि अस्पताल संचालक नसीम अहमद तथा अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस बीच, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने आरोप लगाया कि जिले के कई निजी अस्पताल ‘मौत के केंद्र’ बन गए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर अनियमितताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।

कुशवाहा ने दावा किया कि जिले के निजी अस्पतालों में लगातार मौतों की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।

उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निजी अस्पतालों की व्यापक जांच कराने, अवैध सर्जरी और मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

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