नई दिल्ली, 3 जून: विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर देश की युवा शक्ति से साइक्लिंग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की गई। संदेश में कहा गया कि साइक्लिंग केवल एक व्यायाम या शौक नहीं, बल्कि स्वस्थ, सक्रिय और सशक्त जीवन की पहचान है।
संदेश में बताया गया कि नियमित साइक्लिंग शरीर को फिट रखने, ऊर्जा बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही, यह पर्यावरण संरक्षण का एक सस्ता, सरल और टिकाऊ माध्यम भी है। युवाओं से आग्रह किया गया कि वे साइक्लिंग को अपनी दैनिक आदत बनाकर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं।
संदेश में कहा गया कि साइकिल के अधिक उपयोग से प्रदूषण में कमी आएगी और पेट्रोल-डीजल की बचत होगी, जिससे देश को भी लाभ मिलेगा। वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के दौर में साइक्लिंग को एक प्रभावी और सकारात्मक समाधान बताया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोल-डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता कम करने के आह्वान का भी उल्लेख किया गया।
फिटनेस को जनआंदोलन बनाने की दिशा में ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ और ‘संडेज़ ऑन साइकिल’ जैसे अभियानों की सराहना करते हुए कहा गया कि देशभर के लाखों युवा इसमें सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इन अभियानों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया है।
संदेश में अभियान को मिल रहे व्यापक समर्थन, उत्साह और सहभागिता के लिए युवाओं का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही बताया गया कि आगामी रविवार को आयोजित होने वाला ‘संडेज़ ऑन साइकिल’ कार्यक्रम विश्व साइकिल दिवस को समर्पित होगा।