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राष्ट्रपति मुर्मू ने अभिभाषण में विकसित भारत की कैसी तस्वीर प्रस्तुत की?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बजट सत्र (2026-27) के पहले दिन संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया।

नई दिल्लीः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बजट सत्र (2026-27) के पहले दिन संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। अपने एक घंटे के अभिभाषण में विकसित भारत की तस्वीर प्रस्तुत की, सरकार की उपलब्धियाँ गिनवाईं। अपने अभिभाषण में उन्होंने सामाजिक न्याय से लेकर महिला, बाल, आदिवासी, दलित, पिछड़ों के विकास के लिए बनाई गई नीतियों के बारे में बताया।

राष्ट्रपति ने कहा, 2014 में सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ केवल 25 करोड़ भारतीय नागरिकों तक ही पहुँच पाती थीं, अब लगभग 95 करोड़ भारतीयों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है। नई सदी के 25 वर्ष यानी शताब्दी की एक चौथाई अवधि को उन्होंने विकसित भारत की यात्रा का मजबूत आधार बताया। सामाजिक न्याय पर उनका विशेष बल रहा।

बुधवार को राष्ट्रपति मुर्मु के अभिभाषण से शुरू हुआ संयुक्त सत्र कमोबेश शांत रहा। विपक्ष ने धैर्य से सुना, लेकिन जब मनरेगा के बजाय जी राम जी लागू करने की बात उन्होंने कही तो समूचे विपक्ष ने एक सुर में विरोध किया, नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि जी राम जी सरकार वापस ले। लगभग एक-दो मिनट के व्यवधान के बाद राष्ट्रपति का अभिभाषण सुचारू रूप से चला।

संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से आरंभ होकर 2 अप्रैल तक दो चरणों में चलेगा। पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा। दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। इस अवधि में कुल मिलाकर दोनों सदनों की 30 बैठकें होंगी।

आर्थिक विकास और डिजिटल भारत का जिक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में लोकतंत्र की मजबूती, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और समावेशी विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तीकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए राष्ट्रपति ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया।

अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने आर्थिक विकास, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल भारत की दिशा में उठाए गए कदमों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से अग्रसर है और वैश्विक मंच पर देश की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने संसद सदस्यों से राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि संसद के सहयोग और सामूहिक प्रयासों से भारत विकास, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता के लक्ष्यों को प्राप्त करेगा।

राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ ही संसद के बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हो गई, जिसमें सरकार अपने विधायी और आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाएगी।

महिलाओं को लेकर कई योजनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार का प्रयास यही है कि हर महिला को सम्मान, आत्म-निर्भरता और अवसर मिले। महिलाओं की सामाजिक तथा आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं जिनसे महिलाओं की आजीविका, कौशल तथा नेतृत्व क्षमताओं में वृद्धि हुई है।

उन्होंने “NAMO Drone Didi” योजना का उदाहरण दिया, जिसमें हज़ारों स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण और ड्रोन दिए जा रहे हैं, जिससे वे नई-नई तकनीकों में प्रवीण बन सकें और कृषि तथा व्यवसाय में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकें। इसी तरह “कृषि सखी” पहल के अंतर्गत 30,000 से अधिक महिलाओं को आधुनिक कृषि पद्धतियों में प्रशिक्षित किया गया है, ताकि वे किसानों को कृषि के नए तरीकों में मदद कर सकें और खेती को और अधिक लाभकारी बना सकें।

उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी भागीदारी देश की प्रगति के लिए आवश्यक है, और वर्तमान योजनाएं यही सुनिश्चित करती हैं कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपने परिवार तथा समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

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