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बंगाल के माहौल पर ओवैसी का तीखा बयान

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को दावा किया कि उनकी पार्टी ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के साथ हाथ मिलाया है ताकि जनता को वह विकल्प प्रदान किया जा सके जिसकी उन्हें तलाश हैं। तृणमूल ने मुस्लिम वोट तो हासिल कर लिए लेकिन समुदाय के लिए कुछ नहीं किया: ओवैसी

कोलकाताः ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने मुस्लिम वोट तो हासिल कर लिए लेकिन ‘‘समुदाय के लिए कुछ नहीं किया।’’ ओवैसी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीति ने पश्चिम बंगाल में भाजपा को उभरने में मदद की।

ओवैसी ने कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि पश्चिम बंगाल के लोग घुटन महसूस कर रहे हैं और उनकी पार्टी ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के साथ हाथ मिलाया है ताकि जनता को वह विकल्प प्रदान किया जा सके जिसकी उन्हें तलाश हैं।

उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा, ‘‘लगभग पांच लाख ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए। इनमें से कई मुस्लिम परिवारों से थे। क्या यह कोई मुद्दा नहीं है? उन्होंने कहा, ‘‘यहां की आबादी में मुसलमानों की संख्या लगभग 30 प्रतिशत है। सरकारी नौकरियों में उनका प्रतिनिधित्व कितना है? केवल सात प्रतिशत। कितने मुस्लिम बच्चे स्कूल से बाहर हैं? कितने मुस्लिम लड़के-लड़कियां स्नातक की पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रहे हैं?’ ओवैसी ने आरोप लगाया कि ये प्रयास दिखावा ही रहे और राज्य में समुदाय के लिए वास्तविक विकास में तब्दील नहीं हुए।

उन्होंने पूछा, ‘‘ईद के दिन नमाज अदा करने से क्या मेरा पेट भरता है? क्या इससे मेरे घर में रोशनी होती है? क्या इससे मेरे बच्चों का भविष्य सुरक्षित होता है?’’ हैदराबाद से सांसद ने दावा किया कि बनर्जी की राजनीति ने अप्रत्यक्ष रूप से राज्य में भाजपा को अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद की है। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल में भाजपा के तीन विधायक कब जीते थे? 2016 में ना? अब उनके पास 77 विधायक हैं। क्या मैंने उन्हें जिताया? क्या मैं इतना ताकतवर हूं कि मैंने भाजपा को फलने फूलने दिया? भाजपा का विकास आपकी आंखों के सामने हो रहा है।’’

ओवैसी ने दावा किया कि एआईएमआईएम का एजेयूपी के साथ गठबंधन राज्य में कमजोर वर्गों के शोषण को रोकने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन से राज्य में मुसलमानों के राजनीतिक नेतृत्व को भी मजबूती मिलेगी।

मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की शैली पर प्रस्तावित मस्जिद को लेकर हुए विवाद के बाद तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए जाने पर कबीर ने आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) का गठन किया था। कबीर ने कहा कि गठबंधन 294 सदस्यीय विधानसभा में 182 सीट पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि अगर चुनाव में खंडित जनादेश आता है तो गठबंधन सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। कबीर ने कहा, ‘‘यह गठबंधन कभी नहीं टूटेगा। मेरे बड़े भाई (ओवासी) जो भी निर्णय लेंगे और जो भी दिशा-निर्देश देंगे, मैं आने वाले दिनों में उनका पालन करूंगा।’’

हमारा गठबंधन मुसलमानों के राजनीतिक नेतृत्व को मजबूत करने का भी प्रयास करेगा।

हैदराबाद से सांसद ने कहा, ‘‘हुमायूं कबीर के साथ हमारे गठबंधन का उद्देश्य पश्चिम बंगाल में कमजोर वर्गों के शोषण को रोकना और उन्हें सशक्त बनाना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा गठबंधन मुसलमानों के राजनीतिक नेतृत्व को मजबूत करने का भी प्रयास करेगा।’’ ओवैसी ने दावा किया कि राज्य में अल्पसंख्यकों का विकास एक बड़ा मुद्दा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी की मौजूदगी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मदद मिलेगी, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में लोगों को अपनी पसंद की पार्टी को वोट देने की आजादी है।’’

मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की शैली पर प्रस्तावित मस्जिद को लेकर हुए विवाद के बाद तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए जाने पर कबीर ने आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) का गठन किया था। कबीर ने कहा कि गठबंधन विधानसभा चुनाव में 182 सीट पर चुनाव लड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि अगर चुनाव में खंडित जनादेश आता है तो गठबंधन सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा सीट के लिए मतदान 23 एवं 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को निर्धारित है।

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