दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन करते शिक्षक।  
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TET अनिवार्यता के खिलाफ दिल्ली में शिक्षकों का हुंकार

दिल्ली के रामलीला मैदान में टेट अनिवार्यता को लेकर बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न राज्यों से हजारों शिक्षक जुटे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।

Narendra Kumar Singh

नई दिल्लीः शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर देशभर के शिक्षकों का विरोध तेज हो गया है। इसी कड़ी में 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न राज्यों से हजारों शिक्षक जुटे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद TET को अनिवार्य बनाए जाने से लाखों शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि इस आदेश को लागू करने से पहले कानून बनाकर राहत दी जाए।

प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों का कहना है कि कई शिक्षक वर्षों से सेवा दे रहे हैं और उनकी नियुक्ति के समय TET अनिवार्य नहीं था। अब अचानक इसे लागू करने से उनके रोजगार और भविष्य पर असर पड़ेगा। शिक्षकों ने यह भी कहा कि 20–25 साल से पढ़ा रहे शिक्षकों से दोबारा परीक्षा पास करने की शर्त व्यावहारिक नहीं है।

देश के अलग-अलग राज्यों से शिक्षक बसों और समूहों में दिल्ली पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखीं। शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य TET की अनिवार्यता पर पुनर्विचार कराना और पुराने शिक्षकों को राहत दिलाना है। फिलहाल सरकार या संबंधित विभाग की ओर से इस मुद्दे पर कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शिक्षकों का आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

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