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‘इजराइलियों एवं ट्रंप का खून बहाओ’

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने ईरान के एक अयातुल्ला का बृहस्पतिवार को एक संदेश प्रसारित किया, जिसमें ‘‘इजराइलियों और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप’’ का खून बहाए जाने का आह्वान किया गया।

दुबईः ईरान के सरकारी टेलीविजन ने ईरान के एक अयातुल्ला का बृहस्पतिवार को एक संदेश प्रसारित किया, जिसमें ‘‘इजराइलियों और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप’’ का खून बहाए जाने का आह्वान किया गया। यह संदेश अयातुल्ला अब्दुल्ला जवादी अमोली ने दिया। यह संदेश ऐसे समय में जारी किया गया है जब ईरान इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हवाई हमलों का सामना कर रहा है।

अमोली ने बयान में कहा, ‘‘हम अब एक बड़ी परीक्षा के कगार पर हैं और हमें इस एकता एवं इस गठजोड़ को पूरी तरह से बरकरार रखने के लिए सतर्क रहना होगा।’’ उन्होंने ‘‘यहूदीवादियों का खून बहाने, ट्रंप का खून बहाने’’ का आह्वान किया।

अयातुल्ला ने कहा, ‘‘इस दौर के इमाम कहते हैं, दमनकारी अमेरिका से लड़ो, उसके खून का जिम्मा मेरे कंधों पर है।’’

इधर इज़राइली सैन्य अधिकारियों ने दावा किया है कि ईरान ने इज़राइल की ओर क्लस्टर म्यूनिशन ले जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। मौजूदा युद्ध में पहली बार ऐसे हथियारों के इस्तेमाल की रिपोर्ट सामने आई है। क्लस्टर हथियार आधुनिक युद्ध के सबसे विवादित हथियारों में गिने जाते हैं, क्योंकि इनमें एक मिसाइल के भीतर कई छोटे-छोटे विस्फोटक होते हैं जो हवा में फैलकर बड़े क्षेत्र में तबाही मचा सकते हैं।

इज़राइल के रक्षा अधिकारियों के अनुसार कुछ ईरानी क्लस्टर मिसाइलों के वारहेड हवा में ही खुल जाते हैं और उनमें से दर्जनों छोटे बम निकलकर कई किलोमीटर के इलाके में फैल जाते हैं। बताया गया है कि एक मिसाइल से लगभग 80 छोटे विस्फोटक तक निकल सकते हैं, जिससे बड़े इलाके में नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है।

सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के हथियार युद्ध की प्रकृति को बदल सकते हैं। सामान्य मिसाइल जहां एक जगह विस्फोट करती है, वहीं क्लस्टर हथियार कई छोटे बमों को बड़े क्षेत्र में फैला देते हैं। इससे नागरिकों के लिए खतरा बढ़ जाता है और कई बार बिना फटे बम लंबे समय तक जमीन पर पड़े रहते हैं, जो बाद में भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।

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