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महंगे ईंधन से राहत, सरकार ने खोला 10,000 करोड़ का खजाना

पश्चिम एशिया संकट के बीच एयरलाइंस को राहत देने की तैयारी, तीन साल तक ईंधन मूल्य स्थिर रखने में मिलेगी मदद

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने एविएशन सेक्टर को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड को मंजूरी दी गई है।

सरकार का उद्देश्य एटीएफ की बढ़ती और अस्थिर कीमतों के कारण एयरलाइंस पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को कम करना और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को संभावित नुकसान से बचाना है। यह सहायता ब्याज-मुक्त अग्रिम राशि के रूप में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकारी बयान के अनुसार, यह योजना 36 महीनों तक लागू रहेगी, हालांकि इसकी हर वर्ष समीक्षा की जाएगी। इस व्यवस्था का लाभ लेने वाली एयरलाइंस को अधिकतम तीन साल तक केवल सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से ही एटीएफ खरीदना होगा।

आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 में एटीएफ की कीमत करीब 60.50 रुपये प्रति लीटर थी, जो मई 2026 तक बढ़कर 142 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई। महज दो महीनों में कीमतों में हुई इस भारी बढ़ोतरी ने एयरलाइंस की परिचालन लागत को काफी बढ़ा दिया है।

सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से एयरलाइंस को ईंधन लागत का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी और वे अपने परिचालन व वित्तीय योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी।

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