कोलकाताः केंद्रीय श्रमिक संगठनों की बृहस्पतिवार को बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल का पश्चिम बंगाल में मिला-जुला असर दिखा तथा कुछ बैंकों और औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हुआ।
केंद्रीय श्रमिक संगठनों के एक संयुक्त मंच ने चार श्रम संहिताओं को रद्द करने और मजदूरों एवं किसानों पर असर डालने वाली कई नीतियों को वापस लेने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। राज्य में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में ‘बंगाल बचाओ’ का नारा देने वाले सीआईटीयू, एआईटीयूसी और यूटीयूसी सहित अन्य श्रमिक संगठनों के सदस्यों ने दुर्गापुर और हल्दिया के औद्योगिक क्षेत्रों में कारखानों के बाहर प्रदर्शन किया।
श्रमिक संगठन के नेताओं ने बताया कि हड़ताल के कारण पश्चिम बंगाल के कई सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों में बैंकिंग परिचालन प्रभावित हुआ। हालांकि, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में सामान्य कामकाज जारी रहा। बैंक इंप्लॉइई फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव देबाशीष बसु चौधरी ने दावा किया कि राज्य भर में बैंकिंग क्षेत्र में हड़ताल सफल रही। उन्होंने कहा कि अधिकतर सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों में सेवाएं प्रभावित हुईं, हालांकि एसबीआई कर्मचारियों ने सीधे तौर पर इसमें भाग नहीं लिया।
एसबीआई सूत्रों ने बताया कि राज्य भर में उसकी शाखाओं में कामकाज बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से जारी रहा। राज्य में हालांकि, सार्वजनिक परिवहन पर हड़ताल का असर नहीं दिखा। बृहस्पतिवार को राज्य बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा का पहला दिन होने के मद्देनजर यह सुनिश्चित किया गया कि विद्यार्थियों को उनके परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग मार्ग पर पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध हों।