इस्लामाबादः पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि ‘‘हमारे देश का धैर्य अब जवाब दे चुका है’’ और अब अफगानिस्तान के खिलाफ ‘‘खुली जंग’’ की स्थिति बन गई है। उनका यह बयान अफगानिस्तान की ओर से सीमा पार हमले के बाद दोनों देशों की जवाबी कार्रवाई के उपरांत आया है।
रक्षा मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘पाकिस्तान को आशा थी कि नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) बलों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में शांति कायम होगी और तालिबान अफगानिस्तान की जनता की भलाई तथा क्षेत्र में स्थिरता पर ध्यान देगा...।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा धैर्य अब जवाब दे चुका है। अब हमारे बीच खुली जंग की स्थिति है।’’
इससे पहले पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के सीमा पर कथित हमलों के जवाब में सैन्य अभियान शुरू करते हुए दावा किया कि इस कार्रवाई में 130 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे गए हैं। अफगान तालिबान के कई सीमा चौकियों पर कथित तौर पर हमले करने के बाद बृहस्पतिवार देर रात ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ शुरू किया गया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पुष्टि की कि यह अभियान जारी है और कहा कि सशस्त्र बल अफगान तालिबान की आक्रामकता का कड़ा जवाब दे रहे हैं।
अभियान के बारे में जानकारी देते हुए सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि कम से कम 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं। उन्होंने बताया, ‘‘काबुल, पकतिया और कंधार में अफगान तालिबान के रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया गया है और हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।’’ उनके अनुसार अफगान तालिबान शासन की कम से कम 27 चौकियां नष्ट कर दी गईं, जबकि नौ अन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया गया।
मंत्री ने बताया कि इस अभियान में दो कोर मुख्यालय, तीन ब्रिगेड मुख्यालय, दो गोला-बारूद डिपो, एक लॉजिस्टिक बेस, तीन बटालियन मुख्यालय, दो सेक्टर मुख्यालय और 80 से अधिक टैंक, तोपें तथा बख्तरबंद वाहन नष्ट कर दिए गए हैं।
सरकारी प्रसारणकर्ता ‘पीटीवी न्यूज’ ने बताया कि पाकिस्तान वायुसेना ने काबुल, कंधार और पकतिया में अफगान तालिबान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में काबुल में दो ब्रिगेड मुख्यालय और कंधार में एक कोर मुख्यालय तथा एक ब्रिगेड मुख्यालय नष्ट कर दिए गए। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने एक बयान में नागरिकों को निशाना बनाने के लिए अफगान तालिबान की निंदा की।
गृह मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उनके हवाले से बताया कि पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं ने अफगान तालिबान की खुली आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘कायर दुश्मन ने रात के अंधेरे में हमला किया। अफगान तालिबान ने निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की निंदनीय कोशिश की। पूरा देश सशस्त्र बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और इस हमले के गंभीर परिणाम होंगे।’’
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी कहा कि पाकिस्तान शांति और अपनी क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सशस्त्र सेनाओं की प्रतिक्रिया व्यापक और निर्णायक है। जो लोग हमारी शांति को कमजोरी समझते हैं, उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा।’’ प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि पाकिस्तान की जनता और सशस्त्र बल देश की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल देश की सुरक्षा और शांति को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सेनाएं किसी भी आक्रामक मंसूबे को कुचलने में पूरी तरह सक्षम हैं। अपने प्यारे वतन की रक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा और हर आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।’’ एक अन्य पोस्ट में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि नाटो सेनाओं की अफगानिस्तान से वापसी के बाद उम्मीद थी कि वहां शांति स्थापित होगी और तालिबान अफगान जनता के विकास तथा क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान देगा।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन तालिबान ने अफगानिस्तान को भारत की कॉलोनी बना दिया है और दुनिया भर से आतंकियों को वहां इकट्ठा कर आतंकवाद को बढ़ावा दिया है।’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने संबंध सामान्य बनाने के लिए सीधे और मित्र देशों के माध्यम से कई प्रयास किए, लेकिन ‘‘तालिबान भारत का मोहरा बन गया।’’ आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने पहले अफगान शरणार्थियों को शरण देकर ‘‘सकारात्मक’’ भूमिका निभाई, लेकिन ‘‘अब हमारा धैर्य खत्म हो चुका है। अब युद्ध छिड़ गया है।’’
पड़ोसी देशों के बीच तेज हुए हमलों से कतर की मध्यस्थता में हुआ संघर्षविराम कमजोर पड़ता दिख रहा है। हालांकि, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने अपने बयान में संघर्षविराम का कोई उल्लेख नहीं किया।