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खरगे को बोलने की अनुमति न मिलने पर राज्यसभा से विपक्ष ने किया बहिर्गमन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपना भाषण पूरा नहीं करने दिए जाने को लेकर सोमवार को राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ।

नई दिल्लीः लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपना भाषण पूरा नहीं करने दिए जाने को लेकर सोमवार को राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया। प्रश्नकाल शुरू होते ही दोपहर 12 बजे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह मुद्दा उठाया। सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि वह दूसरे सदन में हुई घटनाओं पर चर्चा न करें।

खरगे ने कहा कि वह संविधान से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं और संसद दोनों सदनों — लोकसभा और राज्यसभा — से मिलकर बनी है। उन्होंने कहा कि निचले सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। हालांकि, सभापति ने लोकसभा से संबंधित इस मुद्दे को उठाने की अनुमति नहीं दी और कहा कि खरगे द्वारा कही गई कोई भी बात रिकॉर्ड में नहीं जाएगी।

इसके बाद सभापति ने प्रश्नकाल की कार्यवाही आगे बढ़ाई, लेकिन खरगे और अन्य विपक्षी नेता बोलने की मांग करते रहे। जब सभापति नहीं माने, तो विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर महिला सांसदों के अपमान का आरोप लगाया। तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) के घटक दलों के सदस्य खड़े रहे।

कुछ देर तक नारेबाजी के बाद विपक्षी सांसदों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया और प्रश्नकाल जारी रहा। लोकसभा में तीन फरवरी से लगातार व्यवधान हो रहा है, जब सदन के अध्यक्ष ओम बिरला ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे की ‘अप्रकाशित आत्मकथा’ के अंशों पर आधारित एक लेख का हवाला देने की अनुमति नहीं दी थी। इस लेख में 2020 के भारत-चीन संघर्ष का उल्लेख है। लोकसभा में इस दौरान विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित भी किया गया है।

पांच फरवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि उनके पास “ठोस जानकारी” है कि कुछ कांग्रेस सदस्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सीट की ओर बढ़ सकते हैं और “कोई अप्रत्याशित कदम” उठा सकते हैं। इसी आशंका के चलते उन्होंने प्रधानमंत्री से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब देने के लिए सदन में न आने का अनुरोध किया था। उधर लोकसभा में कांग्रेस की महिला सांसदों ने सोमवार को अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के दबाव में प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति को सही ठहराने के लिए उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए। कई विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राहुल गांधी को बोलने से रोकने को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने का निर्णय भी किया है।

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