नई दिल्ली: कैंसर मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। स्विट्जरलैंड की दवा कंपनी Roche ने भारत में दुनिया की पहली सबक्यूटेनियस (त्वचा के नीचे इंजेक्शन के रूप में दी जाने वाली) इम्यूनोथेरेपी दवा Tecentriq SC लॉन्च की है। यह दवा विशेष रूप से एडवांस्ड और मेटास्टैटिक Non-Small Cell Lung Cancer (NSCLC) से पीड़ित मरीजों के लिए विकसित की गई है।
केवल 7 मिनट में पूरा होगा उपचार
इस नई थेरेपी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे देने में मात्र 7 मिनट का समय लगता है। पारंपरिक इंट्रावीनस (IV) इम्यूनोथेरेपी में जहां मरीजों को घंटों तक अस्पताल में रहना पड़ता था, वहीं यह नई तकनीक उपचार प्रक्रिया को काफी तेज और सुविधाजनक बनाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इससे इलाज का समय लगभग 80 प्रतिशत तक कम हो सकता है, जिससे मरीजों और अस्पतालों दोनों को लाभ मिलेगा।
DCGI से मिल चुकी है मंजूरी
भारत के दवा नियामक Central Drugs Standard Control Organization के तहत Drugs Controller General of India पहले ही इस दवा को मंजूरी दे चुका है। मंजूरी मिलने के बाद अब भारतीय मरीजों को भी इस अत्याधुनिक उपचार विकल्प का लाभ मिल सकेगा।
कैंसर का स्थायी इलाज नहीं, लेकिन महत्वपूर्ण विकल्प
चिकित्सकों का कहना है कि यह दवा कैंसर का पूर्ण या स्थायी इलाज नहीं है। हालांकि, यह रोग की प्रगति को धीमा करने, मरीजों की जीवन गुणवत्ता (Quality of Life) बेहतर बनाने और कई मामलों में जीवनकाल बढ़ाने में मदद कर सकती है।
इम्यूनोथेरेपी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में सहायता करती है, जिससे कुछ मरीजों में बेहतर उपचार परिणाम देखने को मिलते हैं।
मरीजों और अस्पतालों दोनों को होगा फायदा
नई सबक्यूटेनियस तकनीक के कई संभावित लाभ बताए जा रहे हैं। इससे उपचार में लगने वाला समय काफी कम होगा, अस्पतालों और डे-केयर यूनिट्स पर दबाव घटेगा, मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल में रुकने की जरूरत नहीं होगी, स्वास्थ्यकर्मियों के समय और संसाधन बचेंगे। इसके साथ ही उपचार प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनेगी।
ऑन्कोलॉजी क्षेत्र के विशेषज्ञ इसे कैंसर उपचार में एक महत्वपूर्ण प्रगति मान रहे हैं। उनका कहना है कि कम समय में दी जाने वाली ऐसी इम्यूनोथेरेपी भविष्य में कैंसर देखभाल की कार्यप्रणाली को और अधिक मरीज-केंद्रित बना सकती है।