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PAK, नेपाल, श्रीलंका में तख्तापलट हुए, लेकिन भारत में ऐसे आग नहीं लगा सकते: किरेन रिजिजू

रिजिजू का बयान: भारत में तख्तापलट जैसी घटनाओं की कोई संभावना नहीं

Badrinath Shaw

नई दिल्ली: ‘स्पर्श हिमालय महोत्सव 2025’ में शामिल हुए केंद्रीय संसदीय कार्य व अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को अपने संबोधन में कहा कि सोवियत संघ जैसे दुनिया के कई राष्ट्र बिखर गए। यहां तक कि हमारे पड़ोसी देशों नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका में भी कई समस्याएं देखने को मिलीं। लेकिन पड़ोसी देशों जैसी घटनाएं भारत में नहीं हो सकतीं क्योंकि देश का चरित्र और संविधान दुनिया से बहुत अलग और सुंदर है।

उन्होंने कहा कि जो लोग भारत को ठीक से नहीं समझते, वे ही कहते हैं कि हमारे देश में भी ऐसा तख्ता पलट हो सकता है। सैन्य शासन आ सकता है, जन विद्रोह हो सकता है, लेकिन मैं बहुत निश्चिंत हूं कि ऐसी घटनाएं भारत में कभी नहीं हो सकती।

रिजिजू ने कहा कि मूल रूप से इसके दो कारण हैं - पहला भारत का चरित्र दुनिया से बहुत अलग है जहां नियम मानने वाले धार्मिक लोग रहते हैं और दूसरा, हर बिन्दुओं पर लंबी चर्चा के बाद दो साल 11 महीने में तैयार किया गया देश का संविधान बहुत प्रभावशाली है।

साथ ही उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारी विरासत, हमारी पृष्ठभूमि, दुनिया के बाकी देशों के लोगों से अलग हैं। यह देश कभी टूट नहीं सकता, बिखर नहीं सकता। व्यवस्था ऐसी बनी हुई है कि दुनिया में कुछ भी हो जाएगा, पर भारत हमेशा बचा रहेगा। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे विमर्श पर चिंता नहीं करनी चाहिए और बस 'अलर्ट' रहना चाहिए।

उन्होंने देश के दुश्मनों का जिक्र करते हुए कहा कि सबको यह विदित है कि बरसों से देश के भीतर और बाहर कुछ बड़ी ताकतें भारत को अस्थिर करने के प्रयासों में लगी हुई हैं। उनकी पूरी विचारधारा, उनका विमर्श और उनका तंत्र निरंतर इस दिशा में कार्यरत है कि भारत की हर उपलब्धि को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाए। हमारे राष्ट्रीय चरित्र को आघात पहुंचे और हमारी आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक पहचान को नष्ट किया जा सके परंतु यह असंभव है।

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