दुबई: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इजराइल और ईरान ने सोमवार तड़के एक-दूसरे पर जवाबी मिसाइल हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका गहरा गई है। इस बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इजराइल को निशाना बनाने और लाल सागर में इजराइली जहाजों पर हमले की चेतावनी देकर हालात को और गंभीर बना दिया है।
इजराइल ने तेहरान की ओर से हुए मिसाइल हमलों के जवाब में ईरान के मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों पर हवाई हमले किए। इसके बाद ईरान ने भी इजराइल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों देशों के बीच संघर्षविराम के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी सैन्य टक्कर मानी जा रही है।
ईरान ने अमेरिका पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। तेहरान का कहना है कि इजराइल की सैन्य कार्रवाई अमेरिका के समर्थन और समन्वय के बिना संभव नहीं है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों से तत्काल हमले रोकने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है।
इस बीच मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये, पाकिस्तान और कतर समेत कई देशों ने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं ताकि क्षेत्रीय युद्ध को रोका जा सके। यमन के हूती विद्रोहियों की धमकी के बाद लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में भी सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
इजराइल के हमलों के बाद ईरान के तेहरान, इस्फहान, तबरीज और करज में धमाकों की खबरें सामने आई हैं। वहीं सऊदी अरब के एक प्रमुख एयरबेस क्षेत्र में भी मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, हालांकि बाद में खतरा टलने की पुष्टि की गई।