ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ( फाइल फोटो )। 
टॉप न्यूज़

ईरान की नई धमकी, ऊर्जा प्लांट पर खतरा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए दी गयी समयसीमा नजदीक आने के बीच ईरान ने सोमवार को पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बिजली देने वाले ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करने की धमकी दी।

Narendra Kumar Singh

दुबईः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए दी गयी समयसीमा नजदीक आने के बीच ईरान ने सोमवार को पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बिजली देने वाले ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करने की धमकी दी। ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा दिया गया यह बयान तेहरान की ओर से खाड़ी के अरब देशों पर हमलों को सही ठहराने की नयी कोशिश माना जा रहा है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सोमवार सुबह यह बयान प्रसारित किया।

बयान में कहा गया है, ‘‘हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि हमारे ऊर्जा संयंत्रों पर हमला होता है, तो ईरान जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘कब्जा करने वाले शासन’ (इजराइल) के ऊर्जा संयंत्रों के साथ-साथ उन क्षेत्रीय देशों के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाएगा, जो अमेरिकी ठिकानों को बिजली आपूर्ति करते हैं और उन आर्थिक, औद्योगिक तथा ऊर्जा ढांचों को भी निशाना बनाएगा, जिनमें अमेरिकियों की हिस्सेदारी है।’’ बयान के अनुसार, ‘‘इसमें कोई संदेह न रखें कि हम ऐसा नहीं करेंगे।’’

ईरानी सांसद ने भी दी धमकी

इससे पहले रविवार तड़के ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरानी हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद रहता है, तो अमेरिका 48 घंटे के भीतर ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाएगा।

सेना के साथ ही ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि ईरान के बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाता है, तो पूरे क्षेत्र के अहम बुनियादी ढांचे को वैध लक्ष्य माना जाएगा और उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा, जिसमें खाड़ी देशों में पीने के पानी के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा और जल शोधन प्रतिष्ठान शामिल हैं।

SCROLL FOR NEXT