ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों को निशाना बनाकर कई मिसाइलें लॉन्च कीं। 
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ईरान की मिसाइलें गरजीं, हिल गए इजराइल-खाड़ी देश

पड़ोसी देशों पर ईरान के हमलों और होर्मुज जलडमरुमध्य पर उसके नियंत्रण से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका असर पश्चिम एशिया के साथ-साथ दुनियाभर में देखा जा रहा है।

Narendra Kumar Singh

दुबईः ईरान ने बृहस्पतिवार को इजराइल और खाड़ी के अरब देशों पर और मिसाइलें दागकर यह संकेत दिया कि वह फिलहाल हमले नहीं रोकेगा जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान से खतरा लगभग खत्म हो चुका है और युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा।

पड़ोसी देशों पर ईरान के हमलों और होर्मुज जलडमरुमध्य पर उसके नियंत्रण से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका असर पश्चिम एशिया के साथ-साथ दुनियाभर में देखा जा रहा है। युद्ध में यह ईरान की सबसे बड़ी रणनीतिक बढ़त साबित हुई है। ब्रिटेन इस जलडमरूमध्य को फिर से खुलवाने के तरीकों पर 30 से अधिक देशों के साथ चर्चा करने की योजना बना रहा है। इस क्षेत्र से दुनियाभर में लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती थी।

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इस जलडमरूमध्य को बलपूर्वक खोला जा सकता है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह काम अमेरिका का नहीं है। बुधवार रात अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने होर्मुज से गुजरने वाले तेल पर निर्भर देशों से “देर से सही, हिम्मत दिखाने” और इसे “अपने कब्जे में लेने” की अपील की। ईरान ने ट्रंप के भाषण का दृढ़ता से जवाब दिया।

ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई इतनी निर्णायक रही है कि सबसे शक्तिशाली देशों में से एक माने जाने वाले ईरान से अब वास्तव में कोई खतरा नहीं रहा। ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि तेहरान के पास अभी भी छिपे हुए हथियार, गोला-बारूद और उत्पादन सुविधाएं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, “जिन केंद्रों को आप निशाना बनाने का दावा करते हैं, वे महत्वहीन हैं, और हमारा रणनीतिक सैन्य उत्पादन ऐसे स्थानों पर होता है जिनकी आपको कोई जानकारी नहीं है और आप वहां कभी नहीं पहुंच सकते।”

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