कानपुरः अकसर रोडरेज की घटनाओं में किसी कीमती कार और ऊंचे घराने की संतान के नाम शामिल होते हैं। ऐसी ही एक घटना फिर से कानपुर में रविवार को देखने को मिली जिसमें लैंबॉर्गिनी कार के चालक ने बेतहाशा गति से चलाते हुए कई लोगों को उड़ा दिया। पुलिस कार को अपने कब्जे में ले लिया। लेकिन पुलिस पर कार के चालक, जो एक बड़े व्यवसायी का पुत्र है, को बचाने की कोशिश करने का आरोप लग रहा है। एफआईआर में कार से लोगों को उड़ाने के आरोपी शिवम मिश्रा का नाम नहीं हैं।
शहर के पॉश इलाके ग्वालटोली की ‘वीआईपी रोड’ पर रविवार को हुई इस भयावह घटना को याद करते हुए चश्मदीदों ने बताया कि कार ने पहले एक ऑटो-रिक्शा को टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल से जा टकराई, जिससे मोटरसाइकिल सवार करीब 10 फुट तक हवा में उछल गया। उन्होंने बताया कि कार मोटरसाइकिल के अगले पहिये पर चढ़ गई और उसे कुछ दूर तक घसीटती हुई ले गई, इसके बाद वह एक बिजली के खंभे से टकराकर रुक गई।
अरबपति तंबाकू बिजनेसमैन केके मिश्रा का बेटा शिवम मिश्रा कथित तौर पर गाड़ी चला रहा था। केके मिश्रा वही व्यवसायी है जिनके यहां पिछले साल आयकर का छापा पड़ा था। उनपर अपनी आमदनी को कम कर दिखाने का आरोप था। के.के. मिश्रा ‘बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ के मालिक हैं, जो इलाके में गुटखा बनाने वालों को तंबाकू की आपूर्ति करती है।
घटना के बाद उत्तेजित लोगों ने कार को घेर लिया। उस समय कार में शिवम मिश्रा के साथ ही उसके सुरक्षा प्रहरी यानी बाउंसर भी थे। उन्होंने शिवम को ले जाने की कोशिश की जिससे आम लोगों के साथ टकराव की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि घटना के कुछ देर बाद में पुलिस भी पहुंच गई। शिवम को पुलिस ने लोगों से बचाकर अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, घायलों में से एक यमुनागंज निवासी तौफीक कई मीटर दूर जा गिरा और उसके पैरों में गंभीर चोटें आईं। बाकी घायलों को फ्रैक्चर और मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद गुस्साए स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और कार को घेर लिया, लेकिन लोगों के डर से चालक कार से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर पाया।
चश्मदीदों का आरोप है कि आरोपी के साथ मौजूद बाउंसर ने भीड़ को पीछे धकेलने की कोशिश की और अभद्र व्यवहार किया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। पुलिस मौके पर पहुंची, चालक को निकालकर अपने साथ ले गई और घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त लैंबॉर्गिनी कार को जब्त कर पुलिस थाने ले जाया गया।
पीड़ितों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस थाने में आरोपी के साथियों ने बदसलूकी की और दावा किया कि आरोपी के परिवार के प्रभाव के कारण पुलिस उसके साथ नरमी बरत रही है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि समझौता कराने का दबाव डाला जा रहा है।
पुलिस अधिकारी ने क्या कहा
पुलिस उपायुक्त (मध्य) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि घटना के सिलसिले में अभी किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या हादसे के समय चालक नशे में था, अधिकारी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा।
श्रीवास्तव ने रविवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह हादसा दोपहर करीब सवा तीन बजे रेव-3 मॉल के पास हुआ, जब कथित तौर पर कारोबारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा द्वारा चलाई जा रही लग्जरी कार बेकाबू हो गई और सड़क किनारे खड़े लोगों तथा कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।’’ के.के. मिश्रा ‘बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ के मालिक हैं, जो इलाके में गुटखा बनाने वालों को तंबाकू की आपूर्ति करती है।
पुलिस के मुताबिक, घायलों में से एक यमुनागंज निवासी तौफीक कई मीटर दूर जा गिरा और उसके पैरों में गंभीर चोटें आईं। बाकी घायलों को फ्रैक्चर और मामूली चोटें आई हैं।
मिश्रा के यहां आयकर छापा में क्या मिला था
अधिकारियों ने बताया कि मार्च 2024 में मिश्रा परिवार आयकर विभाग की जांच के दायरे में आया था। उस दौरान दिल्ली और कानपुर में कई ठिकानों पर छापे मारे गए थे, जहां लग्जरी गाड़ियां और करीब 4.5 करोड़ रुपये बरामद मिले थे। छापेमारी के दौरान मिली गाड़ियों में रोल्स-रॉयस फैंटम, मैकलेरन, पोर्श और रविवार के हादसे में शामिल काली लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो भी शामिल थी। इनमें से कई गाड़ियों पर ‘‘4018’’ नंबर की खास नंबर प्लेट लगी हुई थी। इसके अलावा आभूषण और महंगी घड़ियां भी जब्त की गई थीं।
प्राथमिकी में कार चालक का नाम नहीं
खबरों के मुताबिक पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में एक मामला दर्ज किया। लेकिन शिवम का नाम नहीं है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि शिवम ही गाड़ी चला रहा था। उसके साथ बाउंसर थे जो उसे घटनास्थल से बचाकर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की थो उन्होंने डराने-धमकाने की कोशिश की। यहां तक कि पुलिस थाने में ये बाउंसर पुलिस अधिकारियों के सामने लोगों से धक्कामुक्की करने की कोशिश कर रहे थे।
परिवार का दावा, शिवम को मेडिकल समस्या
इधर परिवार ने बाद में दावा किया कि शिवम को कोई मेडिकल प्रॉब्लम है और गाड़ी चलाते समय उसे दौरा पड़ा, जिससे वह गाड़ी पर कंट्रोल खो बैठा। परिवार के एक सदस्य ने पुलिस को बताया, "पिछले छह महीनों से उसे ऐसे दौरे पड़ रहे हैं।" मीडिया से बात करते हुए कानपुर के डीसीपी (सेंट्रल) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा, "यह हादसा रेव-3 मॉल के पास हुआ, जब बिजनेसमैन केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा द्वारा चलाई जा रही लग्जरी कार बेकाबू हो गई और सड़क किनारे खड़े लोगों और कई गाड़ियों से टकरा गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।"
पुलिस पर मामले को दबाने में का आरोप
कानपुर के ग्वालटोली थाना पुलिस ने 12 करोड़ की कीमत वाली कार को अपने कब्जे में लेकर थाना परिसर में रखा है। लेकिन कार को देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इसे देखते हुए पुलिस ने कार को ढक दिया है। कई लोगों का आरोप है कि चूंकि कार और उससे जुड़ा हादसा एक बड़े व्यवसायी के परिवार से जुड़ा है, इसलिए पुलिस मामले को ढंकने-दबाने में लगी है।
घायल व्यक्तियों ने क्या कहा
हादसे में घायल हुए तौफीक अहमद ने पुलिस को बताया कि वह फुटपाथ पर खड़े थे, तभी अचानक कार उनकी तरफ आ गई। उनका अभी इलाज चल रहा है और बताया जा रहा है कि वह खतरे से बाहर हैं। उनके परिवार ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। घायलों में शामिल सोनू त्रिपाठी ने संवाददाताओं को बताया कि वह और उनका चचेरा भाई अपनी मोटरसाइकिल के पास खड़े थे, तभी कार ने उन्हें टक्कर मार दी। उन्होंने कहा कि उनके चचेरे भाई नीचे गिर पड़े और दो अन्य लोग उछलकर फुटपाथ पर जा गिरे। सोनू त्रिपाठी ने कहा, ‘‘हमने इसकी शिकायत दर्ज करा दी है।’’