पाकिस्तान के सेना प्रमुख और रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर ने बृहस्पतिवार को सख्त बयान देते हुए कहा कि उनका देश अपनी जनता के खिलाफ आतंकवाद फैलाने के लिए अफगानिस्तान की धरती के इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं करेगा।
रावलपिंडी में अहले-तशीह (शिया) समुदाय के उलेमाओं के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की। सेना की ओर से जारी बयान में मुनीर ने ऑपरेशन ‘गजब-लिल-हक’ का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों और उनके नेटवर्क को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अफगान तालिबान को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी जमीन का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधियों के लिए न हो। मुनीर ने यह भी कहा कि सीमा पार घटनाओं के आधार पर देश के भीतर हिंसा को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की सक्रिय कूटनीति पर भी प्रकाश डाला और कहा कि सरकार सभी स्तरों पर स्थिरता बनाए रखने के प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में मौजूद उलेमाओं ने भी शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर बल दिया और धर्म के नाम पर होने वाली हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपना समर्थन दिया।