सरकार के प्रयासों के बावजूद एलपीजी का संकट टला नहीं है ( फाइल फोटो ) 
टॉप न्यूज़

राहत के बीच चिंता बरकरार, LPG पर सरकार अलर्ट

देश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) के भरे हुए सिलेंडर की बुकिंग युद्ध-पूर्व के सामान्य स्तर के करीब पहुंच रही है, जो स्थिति में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है।

Narendra Kumar Singh

नई दिल्लीः देश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) के भरे हुए सिलेंडर की बुकिंग युद्ध-पूर्व के सामान्य स्तर के करीब पहुंच रही है, जो स्थिति में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है। हालांकि, पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे माल की आपूर्ति में जारी व्यवधानों के चलते होटल सहित व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर आपूर्ति प्रतिबंध अब भी लागू हैं।

ईरान पर 28 फरवरी को हुए सैन्य हमलों से पहले देश के 33 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी उपभोक्ता औसतन प्रतिदिन लगभग 55 लाख सिलेंडर बुक कर रहे थे। तनाव बढ़ने के बाद 'होर्मुज जलडमरूमध्य' के बंद होने से भारत की लगभग 60 प्रतिशत गैस आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे व्यावसायिक आपूर्ति में कटौती करनी पड़ी और घरेलू उपभोक्ताओं में घबराहट के कारण भारी बुकिंग शुरू हो गई।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि 13 मार्च को घबराहट में की गई बुकिंग का आंकड़ा 87.7 लाख के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जो 18 मार्च को घटकर 56-57 लाख पर आ गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘घबराहट में की जाने वाली बुकिंग कम हो रही है और सरकार परिवारों को आपूर्ति में प्राथमिकता दे रही है।’’ शर्मा ने स्पष्ट किया कि गैस आपूर्ति की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है, लेकिन किसी भी वितरक के पास भंडार पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हालांकि, व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को उनकी आवश्यकता का केवल पांचवां हिस्सा (20 प्रतिशत) ही मिल पा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में घरेलू गैस उत्पादन में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियां बुकिंग के साथ तालमेल बिठाने के लिए अतिरिक्त पालियों में काम कर रही हैं। सचिव ने बताया कि 18 मार्च को 56 लाख से अधिक की बुकिंग के मुकाबले 54.91 लाख सिलेंडरों की आपूर्ति की गई।

उन्होंने बताया कि आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इंटरनेट के माध्यम से बुकिंग बढ़कर 94 प्रतिशत हो गई है, जबकि ओटीपी प्रणाली का दायरा 83 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

SCROLL FOR NEXT