प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : गंगासागर मेले को अब तक राष्ट्रीय मेले का दर्जा नहीं मिला है। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मानना हैं केंद्र की इस उदासीनता और उपेक्षा का एक दिन अंत होगा। इस दिन मुख्यमंत्री ने गंगासागर मेले के शुभारंभ पर देशभर से आए लाखों तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस ऐतिहासिक मेले को नया स्वरूप दिया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले तीर्थयात्रियों से 'तीर्थ कर' लिया जाता था, जिसे उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही समाप्त कर दिया। अब मेले में जाने के लिए कोई कर नहीं देना पड़ता। उन्होंने कहा कि कपिल मुनि आश्रम और मेला परिसर का सुन्दरीकरण, सड़क और यातायात व्यवस्था, बस-वेसल-लॉन्च-जेटी सेवाएं, नदी मार्ग की ड्रेजिंग, निर्बाध बिजली, रोशनी, पेयजल, अस्पताल, डॉक्टर-नर्स-एम्बुलेंस, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, हेलिपैड, आपातकालीन हेलिकॉप्टर सेवा और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार अपने खर्च पर मुरीगंगा नदी पर लगभग 5 किलोमीटर लंबा, चार लेन का गंगासागर पुल बना रही है, जिस पर करीब 1700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अंत में उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे उम्मीद है कि केंद्र की इस मेला को लेकर उदासीनता और उपेक्षा का एक दिन अंत होगा।