नई दिल्लीः केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने खुद को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का करीबी बताने वाले दक्षिण दिल्ली की एक पॉश कॉलोनी के निवासी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने बताया कि आरोपी व्यक्ति ने सरकारी स्वामित्व वाली रक्षा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों व वैज्ञानिकों, अनुसंधान निकायों और यहां तक कि अमेरिकी नौसेना के एक शीर्ष अधिकारी को कई ईमेल किए थे।
सीबीआई ने बताया कि आरोपी ने ईमेल के जरिये भारत के लिए लड़ाकू विमान का इंजन विकसित करने की इच्छा जताई थी। वसंत कुंज निवासी निशीथ कोहली ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच का दावा करते हुए कहा था कि वह भारत सरकार को स्वदेशी सैन्य जेट इंजन विकसित करने में मदद करना चाहता है।
मोदी का आशीर्वाद बताता था
कोहली ने खुद को भिवानी के ‘टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्सटाइल एंड साइंसेज’ से 2022 में टेक्सटाइल केमिस्ट्री इंजीनियरिंग करने का दावा किया और उन्नत जेट इंजन विकसित करने में योगदान देने की अपनी क्षमता के बारे में व्यापक आश्वासन दिए। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें आमतौर पर दशकों की विशेष विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
सीबीआई द्वारा दर्ज मामले के मुताबिक, कोहली ने अपने दावे पर भरोसा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा का नाम लिया और दावा किया कि उसे प्रधानमंत्री मोदी का ‘‘आशीर्वाद’’ प्राप्त है।
पीएमओ की शिकायत पर मामला दर्ज
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निदेशक ए.के. शर्मा की शिकायत पर सीबीआई ने जांच शुरू की, जिसमें इसे पेशेवर उद्देश्यों के लिए प्रधान सचिव और स्वयं प्रधानमंत्री के नाम के ‘‘दुरुपयोग’’ का मामला बताया गया। सीबीआई ने कोहली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर ईमेल भेजने के कोहली के मकसद की जांच अभी शुरुआती चरण में है।