इजराइल के दक्षिणी शहर डिमोना में ईरानी बैलेस्टिक मिसाइल के हमले के बाद उठता आग का गोला। 
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परमाणु ठिकाने के पास हमला, ट्रंप का अल्टीमेटम

ईरान ने शनिवार देर रात दक्षिणी इजराइल के दो इलाकों पर मिसाइल हमले किए, जिससे इमारतें क्षतिग्रस्त हो गयीं और कई लोग घायल हो गए।

काहिराः ईरान ने शनिवार देर रात दक्षिणी इजराइल के दो इलाकों पर मिसाइल हमले किए, जिससे इमारतें क्षतिग्रस्त हो गयीं और कई लोग घायल हो गए। ये हमले इजराइल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास हुए।

रविवार तड़के ईरान ने चेतावनी दी कि उसके ऊर्जा ठिकानों पर किसी भी हमले के जवाब में वह क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल के ऊर्जा व बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। ईरान के सरकारी मीडिया ने एक सैन्य प्रवक्ता के हवाले से यह जानकारी दी। इजराइल पर ये हमले ऐसे समय हुए जब उसी दिन पहले तेहरान के प्रमुख परमाणु संवर्धन केंद्र नतांज पर हमला हुआ था।

इजराइली सेना ने कहा कि वह दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद पर गिरी मिसाइलों को रोक नहीं सकी। यह पहली बार था जब परमाणु केंद्र के आसपास के क्षेत्र में ईरानी मिसाइलें इजराइल की वायु रक्षा प्रणाली को भेदने में सफल रहीं। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यदि इजराइल डिमोना जैसे अत्यधिक सुरक्षित क्षेत्र में भी मिसाइलों को रोक नहीं पा रहा है, तो यह युद्ध के नए चरण में प्रवेश का संकेत है।’’

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि घटनास्थल पर और आपातकालीन दल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद कठिन शाम है।’’ बचावकर्मियों के अनुसार, अराद में सीधे हमले से कम से कम 10 अपार्टमेंट इमारतों को भारी नुकसान हुआ, जिनमें से तीन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होकर गिरने के खतरे में हैं। कम से कम 64 लोगों को अस्पताल ले जाया गया।

ईरानी हमले से इजलाइल का परमाणु केंद्र बच गया

डिमोना, परमाणु अनुसंधान केंद्र से लगभग 20 किलोमीटर पश्चिम में है, जबकि अराद उससे करीब 35 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। माना जाता है कि इजराइल पश्चिम एशिया का एकमात्र देश है जिसके पास परमाणु हथियार हैं, हालांकि उसने कभी इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया।संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा कि उसे इजराइली केंद्र को किसी नुकसान या असामान्य विकिरण स्तर की कोई सूचना नहीं मिली है।इजराइल के सेना प्रमुख जनरल एयाल जमीर ने पहले ही कहा था, ‘‘यह युद्ध समाप्ति के करीब नहीं है।’’

डिएगो गार्सिया पर हमला कर ईरान ने अमेरिका को चौंकाया

ईरान ने हिंद महासागर में स्थित ब्रिटेन-अमेरिका के संयुक्त डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को भी निशाना बनाया, जो करीब 4,000 किलोमीटर दूर है। इससे संकेत मिलता है कि तेहरान के पास पहले से अनुमानित दूरी से अधिक मार करने वाली मिसाइलें हैं या उसने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम का इस्तेमाल किया है। इस युद्ध का असर पश्चिम एशिया से बाहर भी महसूस किया जा रहा है, जिससे खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। बहरहाल, इजराइल ने नतांज पर हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने भी नतांज पर हमले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि इस तरह के हमले ‘‘पूरे पश्चिम एशिया में विनाशकारी आपदा का वास्तविक खतरा’’ पैदा करते हैं।

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