जयपुर : राजस्थान में करीब दो सप्ताह के अंतराल के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी हिस्से के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार सुबह तक बीते 24 घंटों में सीकर में सर्वाधिक 10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद झुंझुनूं के नवलगढ़ में 9 सेंटीमीटर, बारां के शाहाबाद में 8 सेंटीमीटर तथा झुंझुनूं, धौलपुर के बाड़ी और बसेड़ी में 7-7 सेंटीमीटर वर्षा हुई।
धौलपुर, जयपुर, सीकर, झुंझुनूं और बारां जिलों के कुछ स्थानों पर भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे क्षेत्रों के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है, जबकि मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से गुजर रही है। इसके प्रभाव से अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के अधिकतर हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है।
विभाग के अनुसार, इस दौरान पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
मंगलवार को भरतपुर, जयपुर और अजमेर संभाग के कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
पूर्वानुमान के अनुसार, 22 से 26 जुलाई के बीच कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी तथा एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।
इस बीच, सोमवार देर रात शुरू हुई तेज बारिश के कारण सीकर शहर में जलभराव की स्थिति बन गई। पुलिस लाइन और जिला कलेक्ट्रेट परिसर के आवासीय क्षेत्रों में पानी भर गया, जबकि शहर की कई सड़कों पर तीन से चार फुट तक पानी जमा हो गया।
रेलवे यार्ड में जलभराव के कारण रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं। उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार, सीकर-रेवाड़ी ट्रेन को लोहारू और रेवाड़ी के बीच तथा रेवाड़ी-जोधपुर ट्रेन को रेवाड़ी और लोहारू के बीच रद्द कर दिया गया।
उधर, राज्य के जल संसाधन विभाग ने बताया कि 20 जुलाई तक राजस्थान में सामान्य से 20.25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते राज्य 'वर्षा की कमी' (डेफिसिट रेनफॉल) की श्रेणी में बना हुआ है।
विभाग के अनुसार, जयपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर सहित 24 जिले वर्षा की कमी (-20 से -59 प्रतिशत) की श्रेणी में हैं। वहीं 15 जिले सामान्य वर्षा (19 से -19 प्रतिशत) की श्रेणी में हैं, जबकि बीकानेर और चूरू जिलों में सामान्य से अधिक (20 से 59 प्रतिशत) वर्षा दर्ज की गई है।