जयपुर : राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जल जीवन मिशन से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामले में मंगलवार तड़के कार्रवाई करते हुए नौ लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें वरिष्ठ अभियंता और सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
ACB अधिकारियों के अनुसार, जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, करौली, दिल्ली और अन्य स्थानों पर मंगलवार तड़के करीब 18 टीमों ने छापेमारी कर गिरफ्तारी की।
कार्रवाई के दौरान मुख्य अभियंता (प्रशासन) दिनेश गोयल, मुख्य अभियंता (ग्रामीण) के.डी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर द्वितीय शुभांशु दीक्षित, वित्तीय सलाहकार, नवीकरणीय ऊर्जा सुशील शर्मा, मुख्य अभियंता, चुरू नीरिल कुमार, निलंबित कार्यकारी अभियंता विशाल सक्सेना, हाल में सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता अरुण श्रीवास्तव, हाल में सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता और तकनीकी सदस्य डी. के. गौड़, हाल में सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता महेंद्र प्रकाश सोनी को गिरफ्तार किया गया।
ACB के आधिकारिक बयान के अनुसार, जांच में सामने आया कि श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल और श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी के मालिक पदमचंद जैन ने कथित तौर पर आईआरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा जारी फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाणपत्रों के आधार पर लगभग 960 करोड़ रुपये की निविदाएं हासिल कीं।
बयान के अनुसार, इसमें जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई।
जांच से यह भी पता चला कि PHED अधिकारियों ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की निविदाओं में अनिवार्य साइट निरीक्षण प्रमाणपत्र की शर्तें शामिल कीं, जो नियमों के विपरीत थीं। इससे बोलीदाताओं की पहचान उजागर हुई।
प्रभावी जांच के लिए पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया। एसआईटी ने तकनीकी और दस्तावेजी विश्लेषण के बाद गिरफ्तारियां कीं।
ACB ने बताया कि इससे पहले इसी मामले से जुड़े एक प्रकरण में 11 आरोपियों और दो कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था। कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक राजेश सिंह और उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह की देखरेख में की गई। अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव की निगरानी में आरोपियों से पूछताछ जारी है।
इस बीच, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में अनियमितताओं का आरोप लगाया और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा, जल जीवन मिशन राजस्थान की जनता की प्यास बुझाने की महत्वाकांक्षी योजना है। इसे भारत सरकार के सहयोग से शुरू किया गया था ताकि हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में इस मिशन में बधाएं आईं।
मंत्री ने आरोप लगाया, दुर्भाग्यवश, पिछली सरकार के कार्यकाल में कुछ अधिकारियों और नेताओं के बीच गठजोड़ था और भारत सरकार द्वारा दिए गए धन का दुरुपयोग किया गया। बेढ़म ने कहा कि जांच एजेंसियां वर्तमान में मामले में कार्रवाई कर रही हैं।