जयपुर : राजस्थान के जयपुर में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की PCPNDT टीम ने राजधानी जयपुर में भ्रूण लिंग परीक्षण में लिप्त बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने एक चिकित्सक सहित 3 लोगों को गिरफ्तार भी किया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी.शुभमंगला ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि जयपुर व आस-पास के जिलों में कुछ गिरोह पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से भ्रूण लिंग परीक्षण कार्य में लिप्त हैं।
उन्होंने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हेमंत जाखड़ की निगरानी में थानाधिकारी सत्यपाल यादव के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और टीम ने भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए डॉ. शेरसिंह राजावत से संपर्क साधा।
अधिकारी ने बताया कि डॉ. शेरसिंह राजावत ने गर्भवती महिला को केसर चौराहा, सांगानेर स्थित कुबेर हेल्थ केयर में बुलाया, जहां आरोपी चिकित्सक राजावत ने गर्भवती महिला से भ्रूण लिंग जांच के लिए 80 हजार रुपए लिए और दूसरे आरोपी जगबीर के साथ गर्भवती महिला को चौरड़िया पेट्रोल पंप के पास भेज दिया।
उन्होंने बताया कि यहां तीसरे एवं मुख्य आरोपी हरी कुमावत ने गर्भवती महिला को अपनी कार में बिठाया और मयूर रेजिडेंसी स्थित फ्लैट नंबर 16 में ले गया, जहां गर्भवती महिला की भ्रूण लिंग जांच में लड़की होने का पता चला।
डॉ. टी.शुभमंगला ने बताया कि गर्भवती महिला ने मौका मिलते ही टीम को सूचना दी और टीम ने फ्लैट में दबिश दी। यहां गर्भवती महिला के साथ चौथी महिला आरोपी शिला देवी भी मिली और उसने पूछताछ में बताया कि आरोपी हरी कुमावत यहां महिलाओं को लाकर भ्रूण लिंग जांच करता है।
पुलिस ने कोटपूतली के आंतेला गांव निवासी हरी कुमावत(41), झुंझुनूं जिले के हनुमानपुरा निवासी शिला देवी(50) और दौसा जिले के बड़ागांव निवासी डॉ. शेरसिंह राजावत(48) को गिरफ्तार कर लिया जबकि आरोपी जगबीर फरार है। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश जारी है।
परियोजना निदेशक डॉ. राकेश मीणा ने बताया कि भ्रूण लिंग परीक्षण में शामिल मुख्य आरोपी हरी कुमावत आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से दो प्राथमिकी दर्ज हैं। डॉ. राकेश ने बताया कि मुख्य आरोपी हरी केवल दसवीं पास है और वह पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए हजारों रुपए लेकर भ्रूण लिंग जांच करता है।