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जयपुर की आबोहवा बदलने वाली है, जानें कानोता, चंदलाई और नेवटा बांध को लेकर पूरा प्लान

जयपुर के तीन बांधों का वैज्ञानिक अध्ययन, प्रदूषित जल से होंगे मुक्त

जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर के तीन प्रमुख बांधों - कानोता, चंदलाई और नेवटा को जल प्रदूषण से मुक्त करने और लंबे समय तक उनके संरक्षण और विकास की संभावनाओं का आकलन करने के लिए विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि यह अध्ययन केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसी के विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है। इस अध्ययन के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जल्द ही राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।

राज्य के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने बताया, यह अध्ययन एक महीने में पूरा होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर इन बांधों के संरक्षण के लिए विस्तृत योजना तैयार की जाएगी ताकि इन जगहों को विकसित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि अध्ययन में विशेषज्ञ जल गुणवत्ता में सुधार, प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, जीआईएस आधारित मानचित्रण, जैव विविधता संरक्षण, जल उपचार की आधुनिक तकनीकों का उपयोग तथा स्थानीय आजीविका सृजन और पर्यावरण पर्यटन की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

मंत्री ने कहा, रिपोर्ट में बांधों पर पर्यटन विकास की संभावनाओं को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। इसमें बोटिंग सुविधा, ग्रीन लैंड विकसित कर पर्यटन को प्रोत्साहन दिए जाने जैसे प्रस्ताव भी शामिल होंगे।

रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि से राजस्थान जल और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक सशक्त और अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार के अभिनव प्रयास वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सतत भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त कर रहे हैं।

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