जयपुर : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने प्रश्नपत्र लीक के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दावों पर शुक्रवार को पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार ‘सच पर बुलडोजर’ चला रही है और शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं होने दे रही है।
गहलोत ने कहा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दावा करते हैं कि करीब तीन साल में एक भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ। उन्हें कहना चाहिए कि हमने एक भी शिकायत की निष्पक्ष जांच नहीं होने दी जिससे सच सामने न आ जाए।
शर्मा ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि राज्य सरकार ने प्रश्न पत्र लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 450 से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
गहलोत ने कहा, मुख्यमंत्री को याद करना चाहिए कि देश की सबसे बड़ी परीक्षा NEET-UG के प्रश्न पत्र लीक का ‘केंद्र’ आपके राज में राजस्थान बना और लाखों बच्चों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी। राजस्थान की भाजपा सरकार और पुलिस ने तो प्रश्न पत्र लीक की शिकायत को छिपाया। जब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को विद्यार्थियों ने सीधी शिकायत दी तब जाकर प्रश्न पत्र लीक का पता चला।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने आरोप लगाया कि झुंझुनूं के नवलगढ़ में आरएएस (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) का प्रश्नपत्र खुले लिफाफे में मिला। प्राध्यापक भर्ती का प्रश्नपत्र खुली सील के साथ पहुंचा। जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल सेंटर पर एलडीसी (कनिष्ठ लिपिक) भर्ती में परीक्षा केंद्र से खिड़की से प्रश्नपत्र बाहर भेजकर नकल करायी गयी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जयपुर स्थित आरएसएसबी (राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड) का कर्मचारी ‘OMR शीट’ बदलकर घोटाला करता पकड़ा गया, लेकिन यह आजतक पता नहीं चला कि उसने कितनी परीक्षाओं में बेईमानी की।
गहलोत ने कहा, हर बार आपकी सरकार का एक ही काम रहा, सच पर पर्दा डालना। आपने अपने कार्यकाल की परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच न करवाने की कसम खा रखी है, क्योंकि जांच हुई तो ‘एक भी लीक नहीं’ के झूठ के परखच्चे उड़ जाएंगे।
गहलोत ने आरोप लगाया, 2013 से 2018 के बीच भाजपा सरकार में 12 प्रश्नपत्र लीक हुए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और प्रश्नपत्र लीक माफिया को पोषित करने का पाप भाजपा सरकार ने किया।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में उनकी अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने प्रश्नपत्र लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा, 400 से अधिक गिरफ्तारियां की गईं, माफिया की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया, राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के एक सदस्य को जेल भेजा गया और बोर्ड के अध्यक्ष को बर्खास्त किया गया।
इसके अलावा, आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने और संपत्ति जब्त करने का प्रावधान वाला देश का सबसे सख्त कानून बनाया गया। आज जो भी कार्रवाई होती दिख रही है, वह कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए इसी कानून के तहत हो रही है।
गहलोत ने कटाक्ष करते हुए कहा, फर्क साफ है। हमने माफिया की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया था, आप सच पर बुलडोजर चला रहे हैं।