कोलकाता सिटी

मानेंगे नहीं हार, फिर मां-माटी-मानुष की सरकार-अभिषेक

अभिषेक ने किया चुनावी रणनीति का शंखनाद

Badrinath Shaw

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : एक साल के भीतर होने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है। एसआईआर (SIR) को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को वर्चुअल बैठक से नेताओं-कार्यकर्ताओं को आगामी रणनीति का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा, 2026 केवल चुनाव नहीं, 2029 की नींव है।

प्रधानमंत्री पर कटाक्ष

नरेंद्र मोदी की हालिया बंगाल यात्रा पर कटाक्ष करते हुए अभिषेक ने कहा, 'बचना है तो बीजेपी...' इस कथन में साजिश छिपी है। हमें कहना होगा, 'बचना है तो बीजेपी बॉय-बॉय। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में शामिल होने का दबाव ही इस राजनीति का मूल है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अभिषेक ने आत्मविश्वास से कहा, 'हमले होंगे, करारा जवाब दिया जाएगा, मां-माटी-मानुष की सरकार ही जीतेगी।' इसी मंच से उन्होंने 2026 का नारा दिया— “मानेंगे नहीं हार, फिर मां-माटी-मानुष की सरकार।”

‘उन्नयनेर पांचाली’

अभिषेक ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साढ़े चौदह वर्षों के विकास कार्यों को ‘उन्नयनेर पांचाली’ के रूप में जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने बंगाल के दो लाख करोड़ रुपये रोके हैं, इसके बावजूद राज्य में विकास की रफ्तार जारी है। बैठक में तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि केंद्र की उपेक्षा के बावजूद ममता बनर्जी के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाएं घर-घर पहुंचानी होंगी।

जनसंपर्क में विनम्रता

अभिषेक ने जनसंपर्क में विनम्रता बरतने की सलाह देते हुए कहा, व्यवहार से ही नेतृत्व की पहचान होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर के साथ-साथ संगठनात्मक समन्वयकों के जरिए जमीनी काम की निगरानी होगी। तृणमूल नेतृत्व के अनुसार, यह बैठक केवल समीक्षा नहीं, बल्कि चुनावी तैयारी की मजबूत आधारशिला है। रविवार को एक बार फिर अभिषेक बनर्जी वर्चुअल बैठक करेंगे जिसमें लगभग 1.5 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

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