सतीश, सन्मार्ग संवाददाता
सिंगुर : करीब सात दशकों के इंतजार के बाद आखिरकार बहुप्रतीक्षित घाटाल मास्टर प्लान की औपचारिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को सिंगुर से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया। लगभग 1,500 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना पूरी तरह राज्य सरकार के वित्तपोषण से लागू की जाएगी।
इस मौके पर घाटाल के तीन बार के सांसद और अभिनेता दीपक अधिकारी (देव) भावुक हो गये। उन्होंने कहा कि अपने 12 साल के सांसद जीवन में यह उनके लिए सबसे खास दिन है। देव ने बताया कि 1959 में मानसिंह समिति ने पहली बार इस योजना की सिफारिश की थी, लेकिन दशकों तक यह फाइल केंद्र और राज्य सरकारों के दफ्तरों में घूमती रही।
देव ने कहा, जिसने इसे मंजूरी दी, उसका नाम ममता बनर्जी है। वही हैं जिन्होंने अपना वादा निभाया। यह किसी पार्टी का एजेंडा नहीं, बल्कि घाटाल, केशपुर और दासपुर के लोगों के अस्तित्व की लड़ाई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि डीवीसी से छोड़े गए पानी के कारण हर साल घाटाल, आरामबाग और खानाकुल में 'मानव-निर्मित बाढ़' आती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र से एक पैसा नहीं मिलने के बावजूद राज्य सरकार इस परियोजना को पूरा करेगी। उन्होंने बताया कि अब तक 500 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं और 300 करोड़ रुपये का काम पूरा भी हो गया है। परियोजना पूरी होने पर पश्चिम मेदिनीपुर के साथ-साथ पूर्व मेदिनीपुर, हावड़ा और हुगली के लाखों लोगों को बाढ़ से राहत मिलेगी। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस घोषणा को राज्य सरकार का बड़ा विकास संदेश माना जा रहा है।