सांकेतिक चित्र 
झारखंड

जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा घोटाला : अब तक 11 गिरफ्तार

हाई कोर्ट की रोक और सीआईडी की विशेष टीम की जांच जारी

Santosh Sharma

रांची : झारखंड पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।

अधिकारियों के अनुसार, बिहार में हुई इस गिरफ्तारी के साथ ही राज्य के जांच जांच विभाग ने 2024 में आयोजित सीजीएल-2023 परीक्षा में 'अनियमितताओं' के सिलसिले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन अनियमितताओं को लेकर पिछले महीने रांची में नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था।

उन्होंने बताया कि सीआईडी ने सोमवार को राजन कुमार को गिरफ्तार किया। वह बिहार के पटना जिले के नेउरा थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है।

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के कई अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के नियामतपुर स्थित एक होटल में ले गया था, जहां उन्हें परीक्षा के प्रश्न और उत्तर याद करवाए गए थे। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के जरिए कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ मिला और कुछ सफल भी हुए।

इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य 10 लोगों में से चार जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के सफल अभ्यर्थी हैं। सीआईडी ने मुख्य आरोपी अभय तिवारी, उसकी पत्नी और भाई को भी गिरफ्तार किया है।

झारखंड सरकार ने नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद 17 अगस्त को जेएसएससी-सीजीएल-2023 सहित कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी। हालांकि, झारखंड उच्च न्यायालय ने सरकार के फैसले पर रोक लगा दी।

अदालत ने यह आदेश भर्ती परीक्षा के उन सफल अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया, जिन्हें अपनी नौकरी जाने का डर था। झारखंड सीआईडी की एक विशेष टीम जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।

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