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झारखंड

क्यों महुआ माझी ने की झारखंड को विशेष पैकेज देने की मांग?

महुआ ने कहा कि झारखंड एक पिछड़ा राज्य है जिसपर जनजातीय आबादी अधिक है, जहां स्वास्थ्य अवसंरचना कमजोर है और मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है।

Badrinath Shaw

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना के तहत झारखंड जैसे पिछड़े और जनजातीय बहुल राज्यों को विशेष पैकेज और वित्तीय सहायता प्रदान करने की मांग करते हुए राज्यसभा में बृहस्पतिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा की एक सदस्य ने कहा कि यह सामाजिक न्याय का विषय है और इसे राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।

झारखंड एक पिछड़ा राज्य

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए झामुमो की महुआ माझी ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य अत्यधिक जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान करना और मातृ मृत्यु दर को कम करना है। महुआ ने कहा कि झारखंड एक पिछड़ा राज्य है जिसपर जनजातीय आबादी अधिक है, जहां स्वास्थ्य अवसंरचना कमजोर है और मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है। उन्होंने कहा कि इस राज्य में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान योजना का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

झारखंड में संसाधनों की कमी

झामुमो सदस्य ने दावा किया कि यह गंभीर तथ्य है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं एवं डिजिटल सपोर्ट के मामले में कुछ राज्यों को अपेक्षाकृत अधिक पूंजी सहायता प्राप्त हो रही है जबकि झारखंड जैसे राज्य संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय का प्रश्न बताते हुए कहा कि इस विषय को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।

ब्यौरा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध किया जाए

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत पिछले पांच वर्षों में राज्यों को दी गई आर्थिक मदद का राज्यवार एवं मदवार ब्यौरा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है जिससे समानता, पारदर्शिता और जरूरत आधारित आवंटन पर सवाल उठ रहे हैं। महुआ ने मांग की कि विशेषज्ञ चिकित्सकों, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं एवं डिजिटल सपोर्ट के लिए राज्यों को दी गई केंद्रीय सहायता का राज्यवार और मदवार ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए और झारखंड जैसे पिछड़े और जनजातीय बहुल राज्यों को इस योजना के तहत विशेष पैकेज और वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।

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