बाबूलाल मरांडी 
झारखंड

बाबूलाल मरांडी का JPSC सदस्य पर गंभीर आरोप

JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा अब राजनीतिक विवाद का केंद्र

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गयी है। इस बीच, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC सदस्य जमाल अहमद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जमाल अहमद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र की एक प्रति सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की है। यहां उन्होंने इन आरोपों का जिक्र किया है। साथ ही उन्होंने JPSC जैसी संवैधानिक संस्था में ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र की एक प्रति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भी साझा की है। यहां उन्होंने इन आरोपों का विस्तार से जिक्र किया है और JPSC जैसी संवैधानिक संस्था में ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।

बाबूलाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि जमाल अहमद को तत्काल उनके पद से हटाया जाए। अहमद की आय से अधिक संपत्ति की ACB से निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य JPSC जैसी संस्थाओं पर निर्भर करता है।

मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखे चिठ्ठी के माध्यम से बताया है कि उन्हें अत्यंत विश्वसनीय सूत्रों से यह सूचना प्राप्त हुई है कि JPSC के वर्तमान सदस्य जमाल अहमद ने पिछले कुछ वर्षों में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर चल और अचल संपत्तियों का एक विशाल साम्राज्य खड़ा कर लिया है।

मरांडी के मुताबिक, वर्तमान में राजधानी रांची में अहमद के पास 3000 से 4000 वर्गफुट का एक फ्लैट मौजूद है। वे शहर में एक अन्य बड़े फ्लैट की भी तलाश कर रहे हैं। इसके अलावा भी हजारीबाग जिले में उनके द्वारा बड़े पैमाने पर बेनामी और अचल संपत्तियां अर्जित किये जाने की चर्चा है।

बाबूलाल के मुताबिक, यह तथ्य किसी से छिपा नहीं है कि उस नियुक्ति प्रक्रिया में हुई भारी हेराफेरी को लेकर वर्तमान में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा जांच की जा रही है।

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