'शोले का वीरू' बनने की होड़ 
झारखंड

झारखंड में ऊंचे टावरों पर चढ़कर ‘वीरू स्टाइल’ हाई-वोल्टेज ड्रामा की होड़

एक महीने में करीब 10 मामले, प्रशासन-पुलिस की बढ़ी मुश्किलें

रांची : झारखंड में इन दिनों लोग लोकप्रिय फिल्म 'शोले' के 'वीरू' वाले अंदाज में कभी प्रशासनिक भ्रष्टाचार, कभी पारिवारिक जमीन विवाद, तो कभी प्यार और शराब की मांग को लेकर 70 से 100 फीट ऊंचे टावरों पर चढ़कर हाई-वोल्टेज ड्रामा कर रहे हैं। अपनी मांगों को मनवाने या नाराजगी जताने के लिए मोबाइल और हाई-टेंशन बिजली टावरों पर चढ़ने का एक अजीबोगरीब और खतरनाक ट्रेंड चल पड़ा है। पिछले 1 महीने के भीतर राज्य के अलग-अलग जिलों से ऐसी लगभग10 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं ने प्रशासन और पुलिस के पसीने छुड़ा दिए हैं।

गिरिडीह जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिंडाटांड पंचायत के परियाना गांव से ऐसी घटना सामने आयी, जहां गुरुवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शराब के नशे में धुत एक युवक 33 हजार केवी की चालू हाई-टेंशन विद्युत टावर पर चढ़ गया। करीब 70 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर यह युवक, जिसकी पहचान पंकज मिश्रा(40) के रूप में हुई है। वह अजीबोगरीब हरकतें करने लगा और नीचे खड़े लोगों से बार-बार शराब लाने की मांग करने लगा। उच्च वोल्टेज प्रवाहित होने के कारण किसी भी क्षण बड़ा हादसा होने की आशंका थी।

इसकी सूचना मिलते ही पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान पुलिस ने गजब के संयम, धैर्य और समझदारी का परिचय दिया। पुलिसकर्मियों ने लगातार युवक से बातचीत कर उसकी काउंसिलिंग की, जिसके बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।

इससे पहले 5 जून को हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड के बानादाग में प्रशासनिक शिथिलता के खिलाफ एक बेहद गंभीर मामला देखने को मिला था। यहां विकास कुमार नामक एक युवक सीओ ऑफिस की कार्यशैली और कथित भ्रष्टाचार से तंग आकर करीब 85 फीट ऊंचे एयरटेल के मोबाइल टावर पर चढ़ गया था।

युवक का आरोप था कि उसकी जमीन का म्यूटेशन पिछले 5 से 6 महीनों से अटका हुआ है। उसे अधिकारी उसे दौड़ा रहे हैं। लगभग 11 घंटे तक चले इस लंबे ड्रामे के बाद जब प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे लिखित आश्वासन दिया, तब जाकर वह नीचे उतरा। इस गंभीर मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी संज्ञान लिया है।

ऐसा ही एक और मामला 10 जून 2026 को बोकारो के नावादीह क्षेत्र में सामने आया। यहां एक युवक अपनी पुश्तैनी जमीन में सही हिस्सेदारी और हक न मिलने के कारण अपने परिवार से नाराज हो गया था। गुस्से में आकर वह पास ही स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर घंटों मशक्कत की। उसे कानूनी तौर पर पूरी मदद दिलाने का भरोसा देकर सुरक्षित नीचे उतारा गया।

ऊंचे टावरों पर चढ़ने की इन घटनाओं में केवल प्रशासनिक या पारिवारिक विवाद ही नहीं, बल्कि प्रेम-प्रसंग के अजीबोगरीब मामले भी शामिल हैं।

राजधानी रांची में 3 जून को एक लड़की सिर्फ इसलिए मोबाइल टावर पर चढ़ गई क्योंकि उसके नाबालिग प्रेमी ने उससे बातचीत करना बंद कर दे रिहा था। मौके पर पहुंची पुलिस को जब कोई रास्ता नहीं सूझा, तो उसने लड़की के प्रेमी को ढूंढकर मौके पर बुलाया, जिसके बाद ही लड़की नीचे उतरने को तैयार हुई।

17 मई को धनबाद के गोमो क्षेत्र में पुलिस द्वारा एक युवक को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में उसकी प्रेमिका मोबाइल टावर पर चढ़ गई। उसकी रिहाई की मांग करने लगी।

इससे पहले मई 2026 में ही गिरिडीह के निमियाघाट में एक पहले से शादीशुदा युवक अपने भाई की साली से दोबारा शादी कराने की जिद पकड़कर 100 फीट ऊंचे टावर पर जा बैठा था, जिसे बाद में पुलिस और ग्रामीणों ने समझा-बुझाकर नीचे उतारा।

SCROLL FOR NEXT