फाइल फोटो  
झारखंड

पश्चिम सिंहभूम में 36 बंधुआ मजदूर मुक्त, गुजरात के 2 संदिग्ध मानव तस्कर गिरफ्तार

मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, किशोर न्याय व बाल श्रम कानूनों के तहत केस दर्ज

चाईबासा : झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के एक होटल से छह नाबालिगों सहित 36 लोगों को बचाया, तथा गुजरात के दो संदिग्ध मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि जिला विधि सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा अधिकारियों को सतर्क किए जाने के बाद रविवार देर रात बचाव अभियान चलाया गया।

जानकारी मिली थी कि चक्रधरपुर के एक होटल में नाबालिगों सहित लोगों के एक समूह को ठहराया गया था और कथित तौर पर उन्हें 'बंधुआ मजदूर' के रूप में काम करने के लिए गुजरात ले जाया जा रहा था।

उन्होंने बताया कि तत्काल कार्रवाई के लिए चक्रधरपुर स्थित 'चाइल्डलाइन' को भी मामले की सूचना दे दी गई। पुलिस ने होटल से 30 वयस्कों और एक लड़की सहित छह नाबालिगों को बचाया।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान निकुंज गोविंद बोरसानिया (32) और कादिवर नीलेश भाई जयेंद्र भाई (34) के रूप में हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता ( BNS) की धारा 143(1), 143(4) और 143(5) के तहत मानव तस्करी, नाबालिगों की तस्करी और कई नाबालिगों की तस्करी से संबंधित मामले दर्ज किए गए हैं, साथ ही धारा तीन(5) के तहत साझा मंशा से किए गए कृत्यों के लिए मामला दर्ज किया गया है।

उन पर किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 79 के तहत भी मामला दर्ज किया गया था, जो बच्चों के शोषण से संबंधित है। इसके साथ ही बाल और किशोर श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 की धारा 14(1) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।, जो बाल श्रमिकों के अवैध रोजगार और तस्करी से संबंधित है। पुलिस ने बताया कि बचाए गए लोगों को वापस घर भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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