पाला बदलने के लिए हो रही खरीद-फरोख्त', राउत ने भाजपा पर साधा निशाना 
देश/विदेश

शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलेंः संजय राउत का दावा- सांसदों को 15-15 करोड़ का ऑफर

उद्धव गुट में संभावित टूट पर सियासी हलचल तेज, छह सांसदों के शिंदे खेमे से संपर्क में होने की चर्चा; लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात और अलग गुट की मान्यता पर अटकलें

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है। राउत का यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है, जब पार्टी के कुछ सांसदों के बगावत कर अलग गुट बनाने की अटकलें जोरों पर हैं।

सोशल मीडिया पर लगाया गंभीर आरोप

संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "अपना सपना मनी-मनी! यह चौंकाने वाला और घिनौना है कि महाराष्ट्र के सांसदों को आज रात पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है।"

हालांकि, राउत के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। विपक्षी दलों ने मामले की जांच की मांग की है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अलग गुट बनाने की चर्चा ने बढ़ाई सियासी हलचल

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (UBT) के कुछ सांसद अलग गुट बनाने की तैयारी में हैं। चर्चा है कि पार्टी के कई सांसद नेतृत्व से नाराज हैं और वे अलग राजनीतिक रास्ता अपनाने पर विचार कर रहे हैं।

इससे पहले भी संजय राउत ने संकेत दिए थे कि विधायक और सांसद आते-जाते रहते हैं, लेकिन पार्टी और उसकी विचारधारा कायम रहती है। उन्होंने भाजपा पर क्षेत्रीय दलों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा था कि सत्ता के बल पर राजनीतिक दलों में फूट डाली जा रही है।

लोकसभा अध्यक्ष से मिल सकते हैं बागी सांसद

सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के कुछ सांसद दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि ये सांसद पहले लोकसभा में अलग गुट के रूप में मान्यता हासिल करने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, जिसके बाद आगे की राजनीतिक रणनीति तय की जाएगी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसद शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं। जिन सांसदों के नाम चर्चा में हैं, उनमें संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल आष्टीकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन सांसदों की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।

लोकसभा अध्यक्ष को शिवसेना (UBT) का पत्र

संभावित टूट की अटकलों के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने लोकसभा अध्यक्ष को एक आधिकारिक पत्र सौंपा है। पार्टी ने मांग की है कि संसद में केवल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को ही अधिकृत राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी जाए।

पत्र में कहा गया है कि किसी भी बागी या अलग गुट को स्वतंत्र पहचान, विशेष सुविधाएं या संसदीय विशेषाधिकार न दिए जाएं। पार्टी ने यह भी आग्रह किया है कि यदि कोई अन्य गुट मान्यता की मांग करता है, तो उस पर निर्णय लेने से पहले शिवसेना (UBT) को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।

दल-बदल कानून का भी दिया हवाला

पार्टी ने अपने पत्र में संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) का उल्लेख करते हुए कहा है कि वह उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करने का अधिकार सुरक्षित रखती है। यह पत्र शिवसेना (UBT) संसदीय दल के नेता और सांसद अरविंद सावंत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को भेजा गया है।

महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ सकता है बड़ा असर

यदि शिवसेना (UBT) के सांसदों में टूट होती है, तो इसका असर केवल पार्टी की संसदीय ताकत पर ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की विपक्षी राजनीति और महाविकास अघाड़ी के भविष्य पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें संभावित बागी सांसदों की अगली राजनीतिक चाल और लोकसभा अध्यक्ष के रुख पर टिकी हैं।

SCROLL FOR NEXT