वॉशिंगटन: अमेरिका में लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट एक बार फिर विवादों में है। मिसौरी राज्य में इसकी मूल कंपनी स्नैप के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। आरोप है कि ऐप के कुछ फीचर्स की वजह से 25 वर्षीय एक आरोपी 12 साल की बच्ची तक पहुंचने और उसके यौन शोषण की वारदात को अंजाम देने में सफल रहा।
शिकायत के अनुसार, आरोपी गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने स्नैपचैट के जरिए बच्ची से संपर्क किया। मुकदमे में ऐप के दो फीचर्स को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पहला, क्विक ऐड, जिसके जरिए आरोपी को आसपास की नाबालिग लड़कियों तक पहुंचने का मौका मिला। दूसरा, स्नैप मैप, जिसकी मदद से कथित तौर पर बच्ची की लोकेशन का पता लगाया गया। याचिका में कहा गया है कि कंपनी बच्चों को यह पर्याप्त चेतावनी देने में विफल रही कि ऐप पर मिलने वाले अजनबी लोग उनके लिए खतरा बन सकते हैं।
मुकदमे के दौरान पेश दस्तावेजों में दावा किया गया है कि कंपनी के अधिकारियों को डार्क वेब पर ऐसी सामग्री मिली थी, जिसमें स्नैपचैट के फीचर्स का इस्तेमाल कर बच्चों को निशाना बनाने के तरीके बताए गए थे। आरोप है कि इसके बावजूद कंपनी ने पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए। एक सर्वे का हवाला देते हुए यह भी कहा गया कि स्नैपचैट इस्तेमाल करने वाले आधे से अधिक बच्चों ने पिछले एक वर्ष में ऐप पर अश्लील या असुरक्षित संदेश और तस्वीरें देखी हैं।
यह मामला भारत के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि भारत स्नैपचैट का सबसे बड़ा बाजार है। देश में इसके 25 करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं और दुनियाभर के कुल यूजर्स में लगभग 36 प्रतिशत भारत से हैं। ऐसे में बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
गौरतलब है कि स्नैपचैट ही नहीं, बल्कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब जैसी अन्य सोशल मीडिया कंपनियां भी बच्चों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और ऐप की लत से जुड़े मामलों में कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। अमेरिका में इन कंपनियों के खिलाफ हजारों मुकदमे लंबित हैं।