नई दिल्ली: ईरान के सरकारी टेलीविजन ने शुक्रवार को सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का भाषण प्रसारित किया जिसमें उन्होंने देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर बात की। खामेनेई के अचानक दिए गए इस भाषण से पता चलता है कि अधिकारियों ने इन विरोध प्रदर्शनों को कितनी गंभीरता से लिया है। इन विरोध प्रदर्शनों के चलते ईरानी सरकार ने लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क तोड़ने के लिए इंटरनेट और टेलीफोन लाइनें बंद कर दीं।
ईरान के निर्वासित युवराज द्वारा प्रदर्शनों के आह्वान के बाद, प्रदर्शनकारियों ने बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार सुबह तक सड़कों पर नारे लगाते हुए मार्च किया। इससे पहले, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने आरोप लगाया था कि अमेरिका और इजराइल के 'आतंकवादी एजेंटों' ने देश में आगजनी की और हिंसा भड़काई। सरकारी टेलीविजन ने इस हिंसा में कुछ लोगों के हताहत होने की बात स्वीकार की, लेकिन इसके बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
विदेशी साजिश के खिलाफ एकजुट होने का आह्वाहन
खामेनेई ने कहा कि ईरान विदेशी समर्थित ऑपरेटिव्स (आतंकी एजेंटों) को बर्दाश्त नहीं करेगा। कुछ दंगाई सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं। खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, 'ट्रंप अपने देश की चिंता करें, क्योंकि ईरान विदेशी दबाव के सामने नहीं झुकेगा।
युवाओं को एकजुट होने का सन्देश
खामेनेई ने ईरान के युवाओं से अपील करते हुए कहा, 'एकता बनाए रखें और तैयार रहें, क्योंकि एकजुट राष्ट्र किसी भी दुश्मन को हरा सकता है। अपने देश और लोगों की रक्षा करना आक्रमण नहीं, बल्कि साम्राज्यवाद के सामने साहस है। खामेनेई ने प्रदर्शनों को विदेशी साजिश बताया और कहा कि यह सब अमेरिका और इजरायल से जुड़े एजेंटों की करतूत है।