बादल फटने और खराब मौसम के कारण यात्रा पर रोक 
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मचैल माता और मिंधल माता यात्रा पर अगले आदेश तक रोक

डोडा, किश्तवाड़ और रियासी में चार स्थानों पर बादल फटने, सड़कों के बाधित होने और मौसम विभाग की नई चेतावनियों के बाद प्रशासन ने यात्रियों से अगली सूचना तक यात्रा टालने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की

किश्तवाड़: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, डोडा और रियासी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के चलते प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। श्री मचैल माता और श्री मिंधल माता की धार्मिक यात्राओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।

प्रशासन ने यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है, क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क फिसलन और पत्थर गिरने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

चार जगहों पर बादल फटने की घटनाएं

जानकारी के अनुसार, जून माह के पहले चार दिनों में ही डोडा, किश्तवाड़ और रियासी जिलों में चार स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसके चलते कई मार्ग बाधित हुए हैं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

भारी बारिश के कारण पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जबकि कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। किश्तवाड़ जिले में पिछले कुछ दिनों में दो स्थानों पर बादल फटने से सड़क संपर्क बाधित हुआ, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

डोडा और रियासी जिलों में भी कई मार्ग जलभराव और मलबे के कारण बंद या आंशिक रूप से बाधित हो गए हैं।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि: प्रशासन

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पूरी तरह से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की यात्रा शुरू न करें और अगली आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।

साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घर से बाहर निकलें और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया

जिलाधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों से प्रशासनिक हेल्पलाइन या नजदीकी नियंत्रण केंद्र से संपर्क करने की अपील की गई है।

मौसम विभाग की चेतावनी, स्थिति सामान्य होने तक रोक

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी लगातार बारिश की संभावना जताई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रह सकता है।

प्रशासन ने साफ किया है कि दोनों धार्मिक यात्राओं पर लगी रोक तब तक जारी रहेगी जब तक मौसम और भूस्खलन की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती।

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