पाकिस्तान में शनिवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए 
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पाकिस्तान में कांपी धरती, 5.4 तीव्रता के भूकंप से दहशत

विशेषज्ञ बोले- 5 मैग्नीट्यूड के भूकंप सामान्य, 6 से अधिक तीव्रता पर बढ़ जाता है तबाही का खतरा, सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव

Goutam Ojha

पाकिस्तान में शनिवार सुबह एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (EMSC) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.4 दर्ज की गई। इसका केंद्र पृथ्वी की सतह से करीब 35 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 8:36 बजे आया।

हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार आ रहे भूकंपों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते एक सप्ताह के भीतर पाकिस्तान समेत दुनिया के कई देशों में 5 से अधिक तीव्रता के कई भूकंप दर्ज किए गए हैं।

एक सप्ताह में कई देशों में महसूस हुए तेज भूकंप

पिछले सात दिनों के दौरान दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में 5 या उससे अधिक तीव्रता के कई भूकंप आए। इनमें सबसे शक्तिशाली झटका 24 जून को वेनेजुएला में आया, जिसकी तीव्रता 7.5 रही। इससे पहले उसी क्षेत्र में 7.2 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज किया गया था। इसके अलावा जापान, फिलीपींस, उत्तरी कैलिफोर्निया, निकारागुआ, सोलोमन द्वीप और पाकिस्तान में भी लगातार भूकंपीय गतिविधियां रिकॉर्ड की गईं।

24 जून रहा सबसे अधिक सक्रिय दिन

भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार, 24 जून पिछले सप्ताह का सबसे सक्रिय दिन रहा। इसी दिन वेनेजुएला में दो बड़े भूकंप आए, जबकि जापान और अमेरिका के कैलिफोर्निया में भी धरती हिली। हालांकि 5 मैग्नीट्यूड के भूकंप दुनिया में सामान्य रूप से आते रहते हैं, लेकिन 6 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप गंभीर तबाही का कारण बन सकते हैं।

क्यों आते हैं भूकंप?

भूकंप का मुख्य कारण पृथ्वी की टेक्टॉनिक प्लेट्स की गतिविधि है। पृथ्वी की बाहरी सतह कई विशाल प्लेटों में बंटी हुई है, जो लगातार एक-दूसरे के सापेक्ष धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे के नीचे धंसती हैं या एक-दूसरे के समानांतर फिसलती हैं, तो उनके बीच तनाव पैदा होता है। जब यह तनाव अचानक मुक्त होता है, तो ऊर्जा भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के रूप में निकलती है, जिससे धरती कांपती है और भूकंप महसूस होता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप की सटीक भविष्यवाणी फिलहाल संभव नहीं है, इसलिए भूकंप संभावित क्षेत्रों में सतर्कता और आपदा प्रबंधन की तैयारी ही सबसे प्रभावी उपाय मानी जाती है।

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