छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले का एक छोटा सा गांव इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है महज तीन महीनों के भीतर हुई आठ लोगों की मौतें, जिन्होंने ग्रामीणों के मन में कई सवाल और आशंकाएं खड़ी कर दी हैं। अब इन मौतों के पीछे का सच जानने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व कदम उठाया है। एक शव का उत्खनन कर जांच शुरू करने के बाद अब छह और कब्रों को खोदकर शव बाहर निकाले जा रहे हैं।
कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में फरवरी से मई 2026 के बीच अलग-अलग समय पर आठ लोगों की मौत हुई थी। लगातार हो रही मौतों ने गांव में भय और रहस्य का माहौल पैदा कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश मौतों की परिस्थितियां एक जैसी थीं, इसलिए मामले की गहराई से जांच जरूरी है।
जानकारी के अनुसार, आठ मृतकों में से सात के शवों को महानदी के तट पर दफन किया गया था, जबकि एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार परंपरागत दाह संस्कार विधि से हुआ था। प्रशासन ने सबसे पहले 13 जून को महेतरु साहू के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था।
अब जांच के दूसरे चरण में बाकी छह दफन शवों को भी बाहर निकालकर उनकी मेडिकल और टॉक्सिकोलॉजी जांच कराई जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि वैज्ञानिक रिपोर्ट ही इन मौतों की असली वजह सामने ला सकेगी।
फरवरी से मई के बीच जिन लोगों की मौत हुई, उनमें बदरी प्रसाद पटेल (6 फरवरी), बुटालु साहू (20 फरवरी), छत्तूराम साहू (2 मार्च), बुधराम जायसवाल (13 मार्च), विनोद साहू (31 मार्च), गजानंद मांझी (20 अप्रैल), चैतुराम साहू (29 अप्रैल) और महेतरु साहू (14 मई) शामिल हैं। इन सभी मौतों ने गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की थी कि मौतों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। ग्रामीणों का दावा है कि इतने कम समय में लगातार हुई मौतों को सामान्य घटनाएं मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों की आशंकाओं को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की संयुक्त टीम जांच में जुटी हुई है। शव उत्खनन की पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की निगरानी में कराई जा रही है और हर कदम की वीडियोग्राफी भी की जा रही है।
फिलहाल गांव में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन मौतों के पीछे सामान्य बीमारी, जहरीला पदार्थ, कोई संक्रमण या फिर कोई अन्य वजह जिम्मेदार है। इसका जवाब अब फॉरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट से ही मिलेगा।
जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं खर्वे गांव के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कब्रों से निकाले जा रहे शव शायद उन रहस्यमयी मौतों का सच उजागर कर दें, जिसने पूरे गांव को महीनों से बेचैन कर रखा है।